प्रदेश के कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी की आराध्य माता गाड़ादुर्गा का हूम (पर्व) गुरुवार को गुशैणी में मनाया गया। माता गाड़ादुर्गा ने तीर्थन नदी में शाही स्नान भी किया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी की आराध्य माता गाड़ादुर्गा का हूम (पर्व) गुरुवार को गुशैणी में मनाया गया। माता गाड़ादुर्गा ने तीर्थन नदी में शाही स्नान भी किया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु ऐतिहासिक पल के गवाह बने। शाही स्नान के समय गुशैणी का क्षेत्र ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माता गाड़ादुर्गा के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।
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माता गाड़ादुर्गा के कारदार मुरारी लाल शर्मा, गूर पदमदेव शर्मा, प्रीतम शर्मा, केशव शर्मा, हरीश शर्मा, निरत सिंह, दरोगा टिकम राम, तिलक राज, राजमल ठाकुर, शेर सिंह ने कहा कि सुबह माता गाड़ादुर्गा लाव-लश्कर के साथ बांदल गांव से गुशैणी की ओर रवाना हुईं।
गुशैणी में श्रद्धालुओं ने माता का भव्य स्वागत किया। इसके बाद शाही स्नान की परंपरा निभाई गई। इसे देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि माता पथोड़ी अमावस्या के दिन इसी नदी में समा गई थीं और शिला के रूप में प्रकट हुई थीं। तब से लेकर इस दिन को माता के जन्मदिवस के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि माता गाड़ादुर्गा ने हारियानों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया है।