अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का बुधवार को आगाज होगा। उत्सव में कुल्लू घाटी के देवी-देवता शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दशहरा उत्सव के शुभारंभ पर आएंगे। पीएम के दौरे को देखते हुए पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। इसके साथ ही कई बंदिशें भी रहेंगी। दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ कई सालों बाद अपने पुराने समय 2:00 बजे तक पहुंच जाएंगे।
आम तौर पर भगवान रघुनाथ की रथयात्रा 4:00 बजे के बाद शुरू होती रही है। भगवान रघुनाथ के ढालपुर पहुंचने के बाद सभी रस्में निभाई जाएंगी। इसके बाद रघुनाथ की रथयात्रा सैकड़ों देवी-देवताओं के साथ शुरू होगी। भगवान रघुनाथ के ढालपुर आने का कार्यक्रम तब तक शुरू नहीं होता है, जब तक माता हिडिंबा नहीं पहुंचती हैं। अश्व और शस्त्र पूजन भी भगवान रघुनाथ के ढालपुर में आने से पूर्व होता है।
इस बार 11:00 बजे ही अश्व पूजन किया जाएगा। इसके साथ माता हिडिंबा दशहरा में एक दिन पूर्व ही हनुमान मंदिर रामशिला पहुंच जाएंगी। सुबह जब माता सुल्तानपुर के लिए निकलती हैं तो अखाड़ा बाजार में काफी समय लग जाता है। ऐसे में भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने माता के देवलुओं से आग्रह किया है कि वे सुल्तानपुर जल्दी पहुंचने का प्रयास करें।
भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि 1:30 बजे के बाद भगवान रघुनाथ ढालपुर के लिए रवाना होंगे और 2:00 बजे तक ढालपुर पहुंच जाएंगे। यह भगवान का पुराना समय भी था। सुबह 11:00 बजे अश्व पूजन किया जाएगा।