हिमाचल प्रदेश के रामपुर उपमंडल के समेज में 31 जुलाई की रात को आई भयंकर बाढ़ के बाद सतलुज नदी में शवों के मिलने का क्रम जारी है। मंगलवार को समेज त्रासदी में लापता कल्पना और जयसिंह के बेटे का शव दत्तनगर पुल के समीप सतलुज नदी के किनारे मिला। इसकी पहचान आदविक (4) के तौर पर हुई है। उसकी मां कल्पना का शव कुछ दिन पहले ही नोगली में मिला था। बेटी अक्षिता अभी भी लापता है। 31 जुलाई की रात को आदविक मां कल्पना और बहन अक्षिता के साथ समेज में ही था। तीनों ही उस रात विनाशकारी बाढ़ में बह गए थे। अब बेटे का शव 13 दिन के बाद बरामद हुआ है। आदविक की पहचान उसकी मौसी और नाना ने की।
पुलिस ने खनेरी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे में जय सिंह के हंसते-खेलते परिवार को पलभर में ही लील लिया। जय सिंह की 7 वर्षीय बेटी अक्षिता इस त्रासदी में लापता है। वहीं, एक अगस्त से समेज सहित सतलुज नदी किनारे लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मशीनरी सहित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के जवान लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। इस त्रासदी में समेज से 36 लोग लापता हुए थे। इनमें से छह के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 30 लोग अभी लापता हैं। वहीं बागीपुल से भी 9 लोग लापता हुए थे और दो शव बरामद हो चुके हैं। वहीं, डीएसपी नरेश शर्मा ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।