जल संकट के कारण परेशानी झेल रहे शहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने कोटी-बरांडी और बीन परियोजना का काम पूरा कर लिया है। दो दिन बाद शहर को 5 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा। अश्वनी खड्ड परियोजना बंद होने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आईपीएच को 15 मई तक इस परियोजना को तैयार करने के आदेश दिए थे।
शहर में पीलिया फैलने के बाद अश्वनी खड्ड परियोजना से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई थी। जिसके बाद नगर निगम ने शहर में पानी की राशनिंग शुरू कर दी। पानी की किल्लत झेल रहे शहर के लोगों को इस परियोजना के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार था। परियोजना में पाइपें बिछाने का काम शनिवार रात को पूरा हो गया है।
ट्रीटमेंट टैंक की फ्लशिंग (ताजे पानी से सफाई) और पानी की टेस्टिंग का काम बाकी बचा है। पानी की टेस्ट रिपोर्ट आते ही शहर को इस परियोजना से 5 एमएलडी अतिरिक्त पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। आईपीएच विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की रात दिन मेहनत से यह काम तय समय पर पूरा हो पाया है।
टेस्टिंग के बाद शुरू कर देंगे पानी की सप्लाई : गिल
बीन नाले से पाइपें बिछाने का काम पूरा हो चुका है। बरांडी नाले से पाइपें शनिवार शाम तक बिछ जाएंगी। पहले पानी ट्रीटमेंट यूनिट में डाला जाएगा। टेस्टिंग के बाद शहर को पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। - धर्मेंद्र गिल अधीक्षण अभियंता, आईपीएच
गुम्मा से शहर को रिकार्ड 18.80 एमएलडी सप्लाई
शहर को पानी की सप्लाई करने वाली सबसे पुरानी गुम्मा पेयजल परियोजना से शनिवार को शहर को रिकार्ड 18.80 एमएलडी पानी उपलब्ध करवाया गया है। अब तक इस परियोजना से शहर को औसतन 12 से 15 एमएलडी तक ही पानी की सप्लाई हो रही थी। आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल ने बताया कि गुम्मा परियोजना के पंप अपग्रेड करने और फील्ड स्टाफ की कड़ी मेहनत से ही पानी की सप्लाई में सुधार हो पाया है।
शहर को पानी की सप्लाई का ब्योरा
गुम्मा परियोजना 18.80 एमएलडी
गिरि परियोजना 15.00 एमएलडी
चेयड़ परियोजना 1.19 एमएलडी
चुरट परियोजना 2.40 एमएलडी
कुल सप्लाई 37.39 एमएलडी
राशनिंग खत्म कर सकता है नगर निगम
राजधानी शिमला को आईपीएच गुम्मा, गिरि, चेयड़ और चुरट परियोजना से 37 एमएलडी पानी की सप्लाई कर रहा है। कोटी-बरांडी और बीन परियोजना से 5 एमएलडी पानी पहुंचने के बाद शहर के लिए पानी की सप्लाई बढ़ कर 42 एमएलडी से अधिक हो जाएगी। ऐसे में नगर निगम शहर में पानी की राशनिंग खत्म करने का फैसला ले सकता है।
शिमला तक ऐसे पहुंचेगा कोटी, बरांडी और बीन का पानी
बीन नाले से पानी 5 इंच की पाइप में अश्वनी खड्ड तक पहुंचेगा जबकि कोटी और बरांडी का पानी परियोजना तक पहुंचाने के लिए 8 इंच मोटी पाइपें बिछाई गई हैं। कोटी, बरांडी और बीन नालों का पानी नई पाइप लाइन के जरिये अश्वनी खड्ड परियोजना तक पहुंचेगा। अश्वनी खड्ड में मौजूद पंपिंग हाउस की मदद से इस पानी को क्वालग टैंक से होते हुए कुसुम्पटी टैंक और फिर मैनसफील्ड टैंक तक पहुंचाया जाएगा।
पानी की सप्लाई शुरू करने से पहले की गई हैं यह तैयारियां
1. - अश्वनी खड्ड परियोजना का दूषित पानी कर दिया गया है ब्लॉक
2. - चैंबर में जोड़ा गया है कोटी, बरांडी और बीन नाले का पानी
3. - सप्लाई शुरू करने से पहले की गई है क्लीयर वाटर टैंक की मरम्मत
4. - पानी की सप्लाई शुरू करने से पहले पंप हाउस को भी किया गया है तैयार
5. - अश्वनी खड्ड परियोजना का ट्रीटमेंट प्लांट नए सिरे से किया गया है दुरुस्त