हिमाचल में स्क्रब टायफस पांव पसारता जा रहा है। अब तक इस बीमारी से आठ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि एक हजार के करीब मामले दर्ज हो चुके हैं। बीमारी को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है। ओपीडी में बुखार और शरीर में जकड़न संबंधित मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। इनमें कई मरीजों में स्क्रब टायफस की पुष्टि हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्कूलों में छात्रों को स्क्रब टायफस और जलजनित रोगों की जानकारी देने के लिए टीमें गठित की हैं। यह कर्मचारी बीमारी के लक्षण व सुझाव के बारे में छात्रों को अवगत कराएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक सुदेश मोक्टा ने बताया कि बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रतिदिन मरीजों की रिपोर्ट देने को कहा है।
आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से आठवीं मौत, 5 नए मामले
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में एक व्यक्ति की स्क्रब टायफस सेे मौत हो गई। मरने वाला 71 साल का व्यक्ति जिला शिमला के कोटगढ़ का रहने वाला था। यह व्यक्ति कुछ दिनों से आईजीएमसी में दाखिल था जहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। आईजीएमसी में यह आठवीं मौत है। मरने वालों में दो पुरुष, एक बच्ची और पांच महिलाएं शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को स्क्रब टायफस के पांच नए मामले भी आए हैं। स्क्रब टायफस से मौत की पुष्टि आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने की है। आईजीएमसी में रोजाना स्क्रब टायफस के लक्षणों को लेकर मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। लक्षणों को देखने के बाद शुक्रवार को डॉक्टरों ने 16 को जांच के लिए लैब में भेजा था। इनमें से पांच मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल में अब तक 924 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें 276 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा आठ मरीजों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। वहीं शुक्रवार को अस्पताल में 3,715 मरीजों ने चेकअप करवाया। इनमें 3,490 मरीजों ने जनरल ओपीडी और 225 मरीजों ने आपात स्थिति में आकर उपचार करवाया। इसके अलावा पीलिया का भी एक मामला आया है। अब तक इस साल पीलिया के 92 मामले आ चुके हैं। वहीं हेपेटाइटिस ई पॉजिटिव रोगियों की संख्या 9 हो गई है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक आ सकता है
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में ऐंठन अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण होने पर गर्दन, बाजू के नीचे और कूल्हे के ऊपर गिल्टियां आती हैं
ऐसे करें रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर के आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें