दिल्ली बंद होने से आलू फसल की बिजाई अधर में लटक गई है। बीज न मिलने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में अधिकतर किसानों के पास अभी तक आलू की फसल के लिए बीज नहीं मिल पाया है। इससे फसल की बिजाई में देरी हो रही है। इस सीजन में भी आलू की फसल का बीज 5500 रुपये से 6000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है।
इससे पहले ही किसान परेशान हैं। किसानों के अनुसार दिल्ली बंद होने के कारण ही आलू की फसल के लिए बीजों के वाहन हिमाचल में नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों ने आलू की फसल की बिजाई के लिए खेतों को पूरी तरह से तैयार कर रखा है, लेकिन बीज न मिलने से आलू की फसल की बिजाई रुकी हुई है। आलू की पक्की फसल का समय चार माह का होता है। जो कच्ची फसल के मुकाबले दोगुना है।
हालांकि पक्की फसल के लिए किसानों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन हाल ही में बीज न मिलना किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। वहीं, कृषि उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि किसान अपने स्तर पर बीज मंगवा रहे हैं, लेकिन दिल्ली बंद होने से भी बीज की गाड़ियां हिमाचल न पहुंचने से परेशानी हो रही है।