हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे-5 पर निगुलसेरी के समीप हुए भूस्खलन में बस समेत कई वाहन मलबे में दब गए हैं। एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, पुलिस और स्थानीय लोग रेस्क्यू में जुटे हुए हैं। अभी तक दो शव बरामद किए गए हैं जबकि 10 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू में जुटे जवानों ने मलबे में दबे एक शख्स को कड़ी मशक्कत से बचाया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पहाड़ी से लगातार चट्टानें गिर रही हैं। इस वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया कि निगुलसेरी में नेशनल हाईवे-5 पर भूस्खलन घटनास्थल पर आईटीबीपी की तीन बटालियन के करीब 200 जवान हैं। पहाड़ी से लगातार चट्टानें गिर रही हैं। रेस्क्यू टीम करीब एक घंटे से भूस्खलन के रुकने का इंतजार कर रही है। करीब 40 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि निगुलसेरी, किन्नौर में भूस्खलन होने से मलबे में वाहनों के दबने का समाचार सुनकर बहुत दुखी हूं। हमने किन्नौर प्रशासन को राहत-बचाव कार्य के निर्देश दे दिए हैं। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने जयराम ठाकुर से फोन पर बात की और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। गृह मंत्री ने फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए और स्थिति का जायजा लेने के लिए आईटीबीपी के महानिदेशक से भी बात की।
गौरतलब है कि 25 जुलाई 2021 को किन्नौर जिले के बटसेरी में सांगला-छितकुल मार्ग पर पहाड़ी से दरकी चट्टानों की चपेट में एक पर्यटक वाहन आ गया था। हादसे में टेंपो ट्रैवलर में सवार नौ पर्यटकों की मौत हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि वाहन को चट्टानों ने हवा में ही उड़ा दिया था और 600 मीटर नीचे बास्पा नदी के किनारे दूसरी सड़क पर जा गिरा था।