जनजातीय जिले में एक से 26 अगस्त तक होने वाली किन्नौर कैलाश यात्रा से पहले सर्वे टीम रास्ते का निरीक्षण करेगी। पूर्वणी मार्ग का निरीक्षण करने के बाद मौसम और मार्ग की स्थिति को देखते हुए आगामी निर्णय लिया जाएगा। यात्रा को लेकर एसडीएम कल्पा डॉ. शशांक गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक में चर्चा की गई।
एसडीएम गुप्ता ने विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां समय रहते पूरी होनी चाहिएं। यह यात्रा अभी केवल तागलिंग से शुरू की जाएगी। यात्रा के दौरान निजी संस्थाओं की ओर से लगाए गए टेंटों में रहने के लिए 1,300 रुपये प्रति श्रद्धालु भोजन सहित और 700 रुपये बिना भोजन दरें प्रशासन की ओर से निर्धारित की गई हैं। उक्त निर्धारित दरों से अधिक वसूली करने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर 500 मीटर पर शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने पुलिस और होमगार्ड के अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में जवानों की तैनाती करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान हर प्रकार की चिकित्सा आवश्यकता को पूर्ण करें और यात्रा के अधिकतर स्थानों पर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करवाएं। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक रहेगा और पंजीकरण 25 अगस्त से शुरू हो गया है। इस मौके पर किन्नौर कैलाश कमेटी के अध्यक्ष शेर सिंह मौजूद रहे।