अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगी। जांच में पाया गया है कि पन्नू यूएसए से वेबपोर्टल का इस्तेमाल कर धमकी भरे संदेश भेज रहा है। अब धर्मशाला विधानसभा परिसर में खालिस्तान के झंडे लगाए जाने और धमकी भरे संदेश भेजने की घटना के बाद पन्नू के खिलाफ यह बड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकार शीघ्र ही संबंधित अभियोग में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पन्नू के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करके अदालत में पेश करेगी। राज्य पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को इंटरपोल को पत्र लिखकर पन्नू के बारे में जानकारी मांगी है।
खालिस्तान समर्थक पन्नू विदेश में बैठकर सोशल मीडिया एवं आधुनिक संचार तकनीकों के माध्यम से आम जनता, जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबरों व सोशल मीडिया खातों पर धमकी भरे संदेश भेज रहा है। जुलाई 2021 के आखिरी सप्ताह में उसने प्रदेश के कुछ लोगों, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को एक मिनट का रिकॉर्ड किया हुआ संदेश मोबाइल नंबरों पर भेजा था। इसमें 15 अगस्त को तिरंगा न फ हराने की धमकी दी थी। इस संदर्भ में प्रदेश पुलिस ने राज्य गुप्तचर विभाग के साइबर अपराध थाना शिमला में 31 जुलाई 2021 को अभियोग संख्या 04/21 धारा 124,153 ए, 506, 120बी आईपीसी और गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के तहत पंजीकृत किया है।
ऑडियो संदेश में है पन्नू की आवाज
जुन्गा लैब में ऑडियो संदेश की आवाज पन्नू की पाई गई है। यह तथ्य भी सामने आया है कि ये संदेश यूएसए से एक वेब एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए प्रेषित किए गए थे। 1 जुलाई 2020 को भारत सरकार ने पन्नू को संशोधित यूएपीए कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के अनुसार प्रक्रिया अमल में ला रही है।