हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का मतदान होते ही कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। दिल्ली पहुंचे कौल सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री पद के लिए दावा ठोक दिया है। समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू भी दिल्ली में डट गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक कौल सिंह ने कहा कि अगर वरिष्ठता, अनुभव और परिपक्वता देखी जाए तो मेरे मुकाबले में प्रदेश में कोई भी नेता नहीं है। उधर, दो दिन के भीतर छह प्रत्याशियों को साथ लेकर हाईकमान के पास सुक्खू भी हाजिरी लगा चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी विभिन्न नेताओं से लगातार मेलजोल कर रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद एक साक्षात्कार में कौल सिंह ने अपनी दावेदारी जताई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के सभी विधायकों की बैठक में दल के नेता को लेकर चर्चा की जाएगी। हाईकमान का जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।
कौल सिंह ने खरगे के समक्ष प्रदेश में 45 सीटें जीतने का दावा भी किया। कौल सिंह ने दिल्ली जाने से पूर्व शिमला स्थित हॉलीलॉज पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से भी मुलाकात की थी। पार्टी की चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू के समर्थक प्रत्याशियों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। बुधवार को शिलाई से कांग्रेस प्रत्याशी हर्षवर्द्धन चौहान, जुब्बल कोटखाई से प्रत्याशी रोहित ठाकुर और सुंदरनगर से प्रत्याशी सोहनलाल ने दिल्ली में सुक्खू के साथ बैठक की। इसके बाद ये नेता प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला से मिले। हर्षवर्द्धन चौहान और रोहित ठाकुर वर्तमान में विधायक भी हैं। मंगलवार को सुक्खू ने मनाली से प्रत्याशी भुवनेश्वर गौड़, सरकाघाट से प्रत्याशी पवन ठाकुर और भोरंज से प्रत्याशी सुरेश कुमार को साथ लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की थी। आने वाले दिनों में सुक्खू समर्थक अन्य प्रत्याशियों के भी दिल्ली पहुंचने की सूचना है।