राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि प्रदेश को क्षय रोग मुक्त बनाने के अभियान में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी है। तभी वर्ष 2023 तक निर्धारित इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। राज्य में 141 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है और ये मरीज आसानी से ठीक हो सकते हैं। हिमाचल देश का पहला आदर्श राज्य बनकर उभर सकता है, जो हम सभी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। कॉरपोरेट, व्यक्तिगत, राजनेता, गैर सरकारी संगठन भूमिका निभा सकते हैं।
राज्यपाल बुधवार को राज्य स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र शिमला में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और खंड चिकित्सा अधिकारियों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर, 2022 को क्षय मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया था। वर्ष 2025 तक देश को क्षय मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर क्षय मुक्त भारत अभियान सराहनीय तरीके से चल रहा है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक हेम राज बैरवा ने अभियान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. गोपाल बेरी ने अभियान का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, राज्य स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की प्रधानाचार्य डॉ. हरशरण कौर मौजूद रहे।