आज ही के दिन टाइगर हिल पर विजय पताका फहराई थी
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चार जुलाई, 1999 को आज ही के दिन टाइगर हिल पर विजय पताका फहराई थी। इसमें हिमाचल के सैनिकों का भी अहम रोल रहा। युद्ध सेवा मेडल कारगिल हीरो सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान पाक सेना ने पहल की थी। द्रास सेक्टर में टाइगर हिल और तोलोलिंग जैसी सामरिक महत्व की चोटियों पर कब्जा कर अपनी नापाक हरकत को अंजाम देने की कोशिश की। श्रीनगर-लेह राजमार्ग को अवरूद्ध कर दिया था। यह भारतीय सेना के लिए रसद, लेह और लद्दाख के नागरिकों के लिए आने-जाने का एकमात्र माध्यम था। कारगिल की लड़ाई में हिमाचल के 52 वीरों ने शहादत दी।
हिमाचल को 2 परमवीर चक्र, कैप्टन विक्रम बतरा मरणोपरांत और हवलदार संजय कुमार को राष्ट्रपति ने परमवीर चक्र से नवाजा था। खुशाल ठाकुर ने कहा कि कारगिल युद्ध के 22 साल बाद 18 ग्रेनेडियर्स के जांबाजों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान की यादें अभी भी मेरे जहन में हमेशा ताजा और अंकित हैं। ऑपरेशन के दौरान 18 ग्रेनेडियर्स के 25 बहादुर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल आर विश्वनाथन, सेकेंड इन कमांड और मेजर राजेश अधिकारी जो कंपनी कमांडर थे। उनकी उत्कृष्ट बहादुरी के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल आर विश्वनाथन और मेजर राजेश अधिकारी को राष्ट्रपति ने मरणोपरांत वीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित किया। हवलदार योगेंद्र यादव को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।