बंजार के विधायक कर्ण सिंह हिमाचल कैबिनेट के 11वें मंत्री बन गए हैं। राज्यपाल ने राजभवन शिमला में कर्ण सिंह को वीरवार सुबह नौ बजे आयुर्वेद और सहकारिता मंत्री पद की शपथ दिलाई। कर्ण सिंह हिमाचल मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा 11वें मंत्री बन गए हैं। कर्ण सिंह का नाम मंत्री पद के लिए शुरू से ही चल रहा था।
25 दिसंबर 2012 को हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी तो उस समय नौ मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। मंत्रियों के दो पद खाली रखे गए थे। नियमानुसार मुख्यमंत्री के अलावा हिमाचल में केवल 11 ही मंत्री हो सकते हैं। पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्ण सिंह को ही मंत्री बनाने का निर्णय लिया है।
शुरुआत में कौल सिंह चाह रहे थे आयुर्वेद विभाग
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ढाई साल पहले मंत्री बनने के बाद खुद आयुर्वेद विभाग चाह रहे थे, लेकिन उस समय से ही यह महकमा मुख्यमंत्री के पास था। सहकारिता विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही था। सीएम वीरभद्र सिंह ने राजभवन में कहा कि उन्होंने किसी मंत्री से महकमा नहीं छीना है, बल्कि कर्ण सिंह को अपने ही विभाग दिए हैं।
पूरे मन से करूंगा प्रदेश की सेवा : कर्ण
नवनियुक्त आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने कहा कि वह पूरे मन से हिमाचल की सेवा करेंगे। उन्होंने नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उस पर खरा उतरेंगे। कर्ण सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले मुख्यमंत्री के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।
मंत्रियों के महकमों में फेरबदल जल्द : वीरभद्र
हिमाचल प्रदेश में मंत्रियों के महकमों में फेरबदल बहुत जल्द हो सकता है। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि अब मंत्रिमंडल में कोई विस्तार नहीं होगा, जबकि फे जरूर संभव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कोई भी क्षेत्र मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व के बिना नहीं रह गया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह वीरवार को राजभवन शिमला के परिसर में कर्ण सिंह के शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में अब कैबिनेट का कोई विस्तार नहीं होगा। कुछ विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव बनाने की चर्चा पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि अभी ऐसा कुछ नहीं होगा। जो भी होगा, वह जरूरत के हिसाब से शनै-शनै ही होगा।
अपनी मेंटल स्टेज से भाजपा को भी चला रहे धूमल
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजभवन शिमला के परिसर में कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल भाजपा को अपनी मेंटल स्टेज से ही चला रहे हैं। जितनी नकारात्मकता वर्तमान में प्रेमकुमार धूमल की रही है, उतनी कभी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि धूमल जले-भुने हुए हैं। इसी का असर विधानसभा सहित सभी जगहों पर नजर आ रहा है।
शायद अपने लिए ही पैरवी कर रहे थे धर्माणी
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में बीच के क्षेत्र को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाने की बात कर मुख्य संसदीय सचिव और घुमारवीं के कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी भी मंत्री बनना चाह रहे थे। इस पर क्या कहते हैं? इस सवाल पर वीरभद्र सिंह बोले - धर्माणी शायद अपने मामले के लिए ही पैरवी कर रहे हैं।