विधानसभा में वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल फिर आमने सामने हो गए। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री से नए संस्थानों में स्टाफ की कमी से संबंधित प्रश्न पूछा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जवाब से असंतुष्ट विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार हिमाचल में स्कूल, तहसील उपतहसील और अन्य शिक्षण संस्थान खोल रही है।
लेकिन इनकी गुणवत्ता की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, अधिकांश ऐसे संस्थान है जहां बिना स्टाफ के चल रहे हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जनता की मांग पर नए संस्थान खोले जा रही है। सभी संस्थानों में स्टाफ उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तो क्या विपक्ष यह चाहता है कि तहसीलों को बंद कर दूं?
धूमल ने दिया ये जवाब
इस पर विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सीएम बात टालने की कोशिश करते है, हर बातों को हंसी मजाक में लेते हैं और तहसीलों को बंद करने की धमकी देते है। सीएम बार बार सदन में हारे हुए लोगों का जिक्र करते हैं।
अगर हारे हुए लोगों की बात माननी है तो वह हारे हुए विधायकों का ही सदन बुला ले। ऐसे में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धूमल की ओर इशारे करते हुए कहा कि मुझे पता है, प्रदेश में जब भाजपा की सरकार थी तो उस वक्त मैने सेशन ट्रायल झेले है। धूमल ने कहा कि प्रेम जब बोलता है, प्रेम से बोलता है, भद्र को भद्रता से सुनना चाहिए।
मैं जनता हूं अंदर क्या और बाहर क्या बोलते आप
मुख्यमंत्री और प्रेम कुमार धूमल के बीच चल रही खींचतान के बाद झंडूता के विधायक रिखी राम कौंडल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय खोलने का जिक्र किया तो वीरभद्र ने कहा कि मैं जनता हूं आप सदन के भीतर क्या बोलते है और बाहर क्या बोलते हैं।
स्कूलों में घटती छात्र संख्या को सरकार जिम्मेवार
प्रदेश विधानसभा में वीरवार को गैर सरकारी सदस्य के संकल्प के तौर पर विधायक इंद्र सिंह ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षा के ढांचे में परिवर्तन लाने के लिए नीति बनाने का प्रस्ताव लाया। विधायक इंद्र सिंह ने प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। सरकारी स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है। प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को भेजने की होड़ लग गई है।
सरकारी स्कूलों पर खर्च किए जा रहे पांच हजार करोड़ रुपये व्यर्थ हो रहे हैं। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बहुत कम है। मूलभूत सुविधाएं देने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने स्कूलों में राजनीति को बंद करने, मध्य शैक्षणिक सत्र में तबादलों पर बैन लगाने, इंग्लिश मीडियम पहली कक्षा से शुरू करने, सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी शुरू करने, आठवीं कक्षा तक दोबारा परीक्षा प्रणाली शुरू करने और स्कूलों में योग शिक्षा शुरू करने के सुझाव दिए।
मॉडल स्कूल खोलने से आएगी गुणवत्ता
चर्चा में भाग लेते हुए विधायक आशा कुमारी ने ब्लाक स्तर पर मॉडल स्कूल तैयार करने का सुझाव दिया। कहा किसी कलस्टर में अगर सभी सुविधाओं से लैस सरकारी स्कूल खोला जाता है तो बच्चों का वहां पढ़ाई करने को रुझान बढ़ेगा। शिक्षकों को रहने की व्यवस्था करनी चाहिए।
मेरा आश्वासन पत्थर की लकीर : सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 92 तहसीलें और 50 उप तहसीलें स्थापित हैं। वर्तमान में सरकार ने 7 तहसीलें और 18 उप तहसीलों सृजन संबंधित अधिसूचना जारी की है। विधायक राकेश कालिया के सवाल के उत्तर में सीएम ने कहा कि जहां विधायक ने जगह का चयन किया है, तहसील हेडक्वार्टर वहीं होगा।
एक अन्य सवाल पर सीएम ने कहा कि दौलतपुर चौक कॉलेज को सरकार ने टेकओवर किया था, लेकिन इसमें साइंस फैकल्टी को टेकओवर नहीं किया गया था। जल्द सरकार इसे भी टेकओवर करेगी। कालिया ने कहा कि सरकार ने जितने भी कॉलेज और स्कूल खोलें हैं, सबकी अधिसूचना जारी कर दी है।
उन्होंने अपने विस क्षेत्र में कॉलेज की अधिसूचना जारी करने की मांग की। ऐसे में सीएम ने जल्द अधिसूचना जारी करने की बात कही। सीएम ने विधायक कालिया को आश्वस्त किया कि मेरा आश्वासन पत्थर की लकीर होती है, जो कह दिया वह होगा।
स्कूलों में लगनी चाहिए बायोमैट्रिक मशीन
विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने कहा इंग्लिश मीडियम को पहली कक्षा से अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में बायोमैट्रिक लगनी चाहिए। उत्कृष्ट स्कूलों को पुरस्कार देकर सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने जजों और शिक्षकों के बच्चों को भी सरकारी स्कूल में पढ़ाना अनिवार्य करने की मांग की।
नए स्कूल, कालेजों में रिक्त पड़े हैं कई पद
विधायक महेश्वर सिंह ने कहा सरकार ने कई नए स्कूल और कालेज खोले हैं लेकिन वित्त विभाग ने इन शैक्षणिक संस्थानों के लिए सृजित किए गए पदों पर कट लगा दिया है। इस कारण नए संस्थानों में शिक्षकों के कई पद रिक्त है। पढ़ाई प्रभावित हो रही है। निजी स्कूलों में लोग बच्चों को पढ़ने भेज रहे हैं। सरकारी व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठ गया है।
प्रारंभिक शिक्षा ढांचा करना होगा मजबूत
विधायक आईडी धीमान ने कहा शिक्षा में गुणवत्ता लाने को प्रारंभिक शिक्षा का ढांचा मजबूत करना पड़ेगा। शिक्षा को बच्चों के इर्द गिर्द घूमना चाहिए। बच्चे क्या चाहते हैं, इसका प्रावधान करना पडे़गा। प्री प्राइमरी क्लासें शुरू करनी पड़ेगी। सरकारी स्कूलों को संपन्न बनाना होगा। उन्होंने कहा बैक डोर एंट्री और मिड टर्म ट्रांसफर को बैन करना पडे़गा। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता लाने के लिए सरकार को इमानदारी से काम करना होगा।
अंतर्राज्जीय सीमा पर रखी जाएगी निगाह
राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि चक्की खड्ड पर अंतर्राज्जीय सीमा की निशानदेही के लिए पंजाब सरकार से मामला उठाया गया है। इसको लेकर पठानकोट जिलाधीश से विचार विमर्श किया गया है। सरकार जल्दी ही यहां पर हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया जाएगा। राजस्व मंत्री कौल सिंह विधायक अजय महाजन और मनोहर धीमान की ओर से पूछे गए प्रश्न का उतर देते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने ने कहा कि खन्नी से खंडवाल और खंडवाल से जगत गिरी आश्रम तक डिमार्केशन करवाई जाएगी। यहां पर अवैध खनन को रोकने के लिए सेटेलाइट से मैपिंग का सहारा लिया जाएगा, विधायक का कहना था कि पंजाब की तरफ से लोग यहां आकर बडे पैमाने पर अवैध रूप से खनन कर रहे हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। इसके साथ यहां पर बडे पैमाने पर तस्करी भी की जाती है।
जरूरत मंदों को राशि देने में देरी नहीं करती सरकार
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार जरूरतमंदों को राहत राशि देने में देरी नहीं की जाती। सीएम राहत कोष से ऐसे लोगों को तुरंत राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि सीएम राहत कोष से मदद के लिए जितने भी लोग आवेदन करते हैं उनके 99 फीसदी मामले झट से निपटाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कागजात पूरे होने पर एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाते हैं, जिनमें औपचारिकताएं पूरी नहीं होती हैं उन मामलों में देरी होती है। मुख्यमंत्री ने विधायक वीरेंद्र कंवर को आश्वस्त किया कि राहत देने में देरी नहीं होगी।
जाम के लिए जेएनएनयूआरएम बसें जिम्मेदार
भाजपा विधायकों ने जाम के लिए जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) बसों को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा विधायक आईडी धीमान और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना हिमाचल की भूगोलिक स्थिति अलग है। राज्य सरकार को केंद्र के समक्ष स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि उसी हिसाब से हिमाचल भेजी जाने वाली बसों की बाडी बनाई जा सके।
लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। बड़ी बसों से शहर में जाम लग रहा है। यही नहीं, ये बसें शहर के लिए आई थीं, लेकिन इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया जा रहा है। बाली ने जवाब दिया कि परिवहन निगम के अफसरों से बैठक हुई है। लंबी बसों से जाम नहीं लग रहा है। बैठक में बसों की एंट्री और एग्जिट को लेकर प्लान तैयार किया गया है। इससे जाम नहीं लगेगा।
कंडक्टरों के 1300 पद खाली
शिमला। सदन में विधायक गुलाब सिंह और सुरेश भारद्वाज के सवालों का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि निगम में 750 चालकों और 1300 परिचालकों के पद खाली हैं। चालकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है जबकि परिचालकों का मामला अदालत में है।
हर पटवार सर्कल में रखेंगे पटवारी : कौल
राजस्व मंत्री कौल सिंह ने कहा कि प्रदेश में एक भी पटवार सर्कल ऐसा नहीं होगा, जहां पटवारी नहीं होगा। हर पटवार सर्कल में पटवारी नियमित तौर पर सेवाएं देंगे। सितंबर में 507 पटवारियों का प्रशिक्षण खत्म होगा। इसके बाद इन प्रशिक्षु पटवारियों की विभागीय परीक्षा होगी। पास होने वाले पटवारियों को तुरंत सर्कलों में तैनात किया जाएगा। अधिकांश पटवारियों की तैनाती डेढ़ दो महीने के भीतर होगी।
कौल सिंह विधायक रविंद्र सिंह रवि के प्रश्न के उत्तर में बोल रहे थे। एक और प्रश्न के उत्तर में कौल सिंह ने कहा कि विभाग में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के भी पद खाली हैं। इनके कुछ और पद भरने के लिए लोक सेवा आयोग को मामला भेजा जाएगा। 507 पटवारियों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनकी परीक्षा ली जाएगी। इसमें पास होने वालों को तुरंत नियुक्तियां दी जाएंगी।