फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्ण को मंत्री बना वीरभद्र ने मजबूत किया मंडी का किला

Fri, 28 Aug 2015 10:31 AM IST
बविंद्र वशिष्ठ/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए कर्ण सिंह को मंत्री बनाकर वीरभद्र सिंह ने मंडी के ‘दुर्ग’ को और मजबूत किया है। हमीरपुर की दावेदारी को दरकिनार कर मुख्यमंत्री ने मंडी संसदीय क्षेत्र से पांचवां मंत्री बनाया है। कुल्लू जिले के बंजार से विधायक कर्ण सिंह को मंत्री का ओहदा देकर ‘राजा’ ने न केवल अपने ‘किले’ को मजबूती दी है, बल्कि हिमाचल में तीसरे विकल्प का दावा ठोंकने वाले हिलोपा प्रमुख महेश्वर सिंह को भी उन्हीं के घर में झटका दिया है। कर्ण सिंह महेश्वर के छोटे भाई हैं।
विज्ञापन


मंडी संसदीय क्षेत्र वीरभद्र सिंह की परंपरागत सीट रही है। वह मंडी से खुद 3 बार और उनकी धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह दो बार सांसद रहीं हैं। मोदी लहर में प्रतिभा बतौर कांग्रेस प्रत्याशी पिछला चुनाव हार गई थीं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की झोली में 11 सीटें डालने वाले मंडी क्षेत्र से पांचवें मंत्री की ताजपोशी को धरातल पर पकड़ और मजबूत करने से जोड़कर देखा जा रहा है।

विस चुनाव में 17 में से 11 सीटें देकर प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र से स्पीकर के अलावा तीन मंत्री हैं। शिमला क्षेत्र से मुख्यमंत्री के अलावा दो मंत्री, जबकि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से एक मंत्री है।
विज्ञापन


मंत्रिमंडल में खाली एकमात्र मंत्री पद के लिए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सीपीएस राजेश धर्माणी ने सार्वजनिक रूप से दावेदारी ठोंकी थी। भाजपा के गढ़ रहे हमीरपुर में कांग्रेस जनाधार बढ़ाने और क्षेत्रीय संतुलन के तर्क के साथ दिल्ली दरबार तक इस क्षेत्र का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए पैरवी की गई।

कांगड़ा लोस क्षेत्र के तहत डलहौजी से विधायक एवं पूर्व मंत्री आशा कुमारी का नाम भी मंत्री पद के लिए उठा लेकिन तवज्जो कर्ण सिंह को मिली। मंत्रिमंडल में सिरमौर, हमीरपुर, बिलासपुर जैसे जिलों को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।

सीएम के करीबी हैं कर्ण- कुल्लू के राज परिवार से संबंध रखने वाले कर्ण सिंह तीसरी बार विधायक बने हैं। वर्ष 1998 से 2003 तक धूमल सरकार में वह राज्य मंत्री रहे। वर्ष 2007 में भाजपा को छोड़ बसपा में शामिल हुए और 2009 में कांग्रेस में आ गए। वर्तमान में वह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते हैं।


किस संसदीय क्षेत्र से कितनी सीटें, कितने मंत्री
लोकसभा क्षेत्र==विस में कांग्रेस सीटें===मंत्री
मंडी==========11================05
कांगड़ा========11================03
शिमला========08================03
हमीरपुर========06===============01

ये हैं मंडी संसदीय क्षेत्र से मंत्री
द्रंग से कौल सिंह ठाकुर
भरमौर से ठाकुर सिंह भरमौरी
बल्ह से प्रकाश चौधरी
मंडी सदर से अनिल शर्मा
बंजार से कर्ण सिंह

महेश्वर बोले, मैं क्या फ्री फंड हूं- कुल्लू से हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह ने कहा - कर्ण सिंह को उंगली पकड़कर मैं राजनीति में लाया। यही मेरा भाई मेरे सामने सबको निमंत्रण देता रहा। इनमें भाजपा के लोग भी शामिल थे और कांग्रेस के भी। स्पीकर के कमरे में भी निमंत्रण देने आया, मुझसे बात तक न की। विधानसभा में मिला। पैर छुए और कार्ड देने लगा। इसमें सिर्फ मेरा नाम लिखा था।

मेरे परिवार का नहीं। बाहर यह दुष्प्रचार करता है कि मैं उसका मंत्री बनने का विरोध कर रहा हूं। मैं क्या मुख्यमंत्री का एडवइजर हूं। एक पिता की औलाद हैं हम। खानदान में किसी की तरक्की होती है तो अच्छा ही होता है। पर मैं क्या फ्री फंड हूं कि वैसे ही शपथ ग्रहण समारोह और डिन्नर में चला जाता।

मंत्री पद के दावेदारों में छाई चुप्पी- प्रदेश में मंत्री पद के अन्य दावेदारों में चुप्पी छाई हुई है। मंत्री बनने के लिए राहुल गांधी तक झंडी वाला नक्शा पहुंचाने वाले राजेश धर्माणी बोले कि वह बोलेंगे, पर आज नहीं। डलहौजी की कांग्रेस विधायक आशा कुमारी का नाम भी संभावित मंत्री के तौर पर लिया जाता रहा है। उनका भी इस पर कमेंट नहीं आया। आशा कुमारी तो राजभवन में कार्यक्रम में भी थीं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें