उन्होंने कहा कि पप्पू, राजा भैया, राजा बाबू अभद्र शब्द नहीं हैं। छोटों के लिए यह शब्द प्यार के साथ कहे जाते हैं। मेरे राजनीति में आने से सबसे अधिक दिक्कत विक्रमादित्य सिंह को हो रही है। वह कभी मेरे ऊपर कीचड़ उछालते हैं, कभी विकास की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। वह जनता को जवाब दें कि 15 माह में लड़ने-झगड़ने के सिवाय कांग्रेस सरकार ने क्या किया।
हिमाचल में कांग्रेस बिखर गई है। हिमाचल सरकार का जाना तय है। विक्रमादित्य मेरा छोटा भाई है, इतना प्यारा नाम दिया फिर भी नाराज हो गए। पहले खुद पूछ रहे थे कि मैंने क्या खाया। जब मैंने जवाब दिया तो पलट गए, मुझे अशुद्ध बताया। कंगना ने विक्रमादित्य से सवाल किया कि महिलाओं को 1500 मिले, मोबाइल स्वास्थ्य वैन चली, बागवानों को फल के दाम उनके अनुरूप मिले? फिर दोहराया... भगवान राम के अंश हैं मोदी और मैं रामसेतु की गिलहरी।