उधर, पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन के लिए प्रशासन ने 4.617 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण किया है। इसकी सूचना प्रशासन की ओर से जारी कर दी गई है। जल्द ही इसका पूरा ब्योरा एनएचएआई मुख्यालय शिमला भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद भूमि मालिकों को मुआवजा राशि देने के बाद जमीन विभाग के नाम कर दी जाएगी। पिंजौर से नालागढ़ तक फोरलेन का काम चल रहा है। बरसात के चलते यह काम काफी धीमी गति से चला है। बद्दी और नालागढ़ की कनेक्टिविटी भी एक-एक पुल पर निर्भर है।
ऐसे में फोरलेन का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। बद्दी से नालागढ़ तक 18 किमी फोरलेन का निर्माण होगा। कई जगह सड़क निजी जमीन से जा रही है। विभाग ने जमीन अधिग्रहण करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद इसका अवार्ड करेगा और एनएचएआई मुख्यालय शिमला को इसकी जानकारी दी जाएगी। वहां से मंजूार मिलने के बाद जमीन विभाग के नाम कर दी जाएगी। अभी जो अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की है। इस जमीन पर कुछ पेड़ भी खड़े हैं। इन पेड़ों को भी कटाई का काम होगा।
फोरलेन निर्माण कार्य के ओएसडी सुभाष सकलानी ने बताया कि प्रशासन ने 4.617 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की है। हिम आर्किटेक्ट एडं एसोसिएट एजेंसी जमीन के बीच में संपत्ति और पेड़ों का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता इसकी अपने स्तर पर जांच करेंगे। पेड़ों को लेकर वन मंडलाधिकारी मूल्यांकन करेंगे। इसके बाद एनएचएआई मुख्यालय शिमला से इसके लिए फंड दिया जाएगा।