प्रदेश में पुराने आवेदनों पर 50 साल बाद भी करुणामूलक नौकरी मिलेगी। ड्यूटी के समय कर्मचारी की मौत हो तो 50 साल की उम्र की ये शर्त लागू नहीं होगी। सरकार ने कर्मचारी की 50 साल की उम्र से पहले सामान्य मौत पर ही कर्मचारियों को लाभ देने के फैसला लिया है।
विभिन्न विभागों ने इस बारे में सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण मांगा तो वित्त विभाग ने साफ किया है कि सामान्य मौत की स्थिति में मृतक के योग्य लाभार्थियों के लिए करुणामूलक नौकरी दी जाएगी। ये केवल उन्हीं मृतकों के आश्रितों को ही मिलेगी, जिनकी मौत 50 साल की उम्र से पहले हुई हो।
हालांकि, जिन आश्रितों से संबंधित कर्मचारियों की मौत सरकारी नौकरी के समय दुर्घटना में हुई हो या सरकारी काम करते समय जिनकी मौत हुई हो, उनके लिए ये शर्त नहीं होगी। उनके लिए सेवानिवृत्ति से पहले तक ऐसा प्रावधान होगा। इसके अलावा जनवरी महीने से पहले के आवेदनों पर भी 50 साल की आयु की यह शर्त लागू नहीं होगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने पुष्टि की कि पुराने आवेदनों पर नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में इस तरह का प्रावधान है कि केवल ड्यूटी के समय ही असामान्य मौतें हों तो ही सेवानिवृत्ति तक करुणामूलक नौकरियां दी जाएं। बाकी मामलों में 50 साल से पहले ही इस तरह की नौकरियों का प्रावधान है।