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Medha Protsahan Yojana: नीट, जेईई, बैंकिंग की कोचिंग में वित्तीय मदद के लिए करें आवेदन

Mon, 10 Apr 2023 06:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

मेधा प्रोत्साहन योजना में चयनित विद्यार्थी को जीवनकाल में अधिकतम एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उच्च शिक्षा विभाग ने मेधा प्रोत्साहन योजना में सत्र 2022-23 के लिए वित्तीय मदद के लिए 25 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना में नीट, जेईई, एनडीए, बैंकिंग, एसएससी, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित कोचिंग संस्थान की ओर से उच्चतर शिक्षा विभाग की मेधा प्रोत्साहन योजना की अधिसूचना के मुताबिक सभी मानक पूरे होने चाहिए।

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उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक बीडी शर्मा ने कहा कि मेधा प्रोत्साहन योजना का आवेदक विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। इस योजना के अंतर्गत बारहवीं कक्षा स्तर के 350 अभ्यर्थियों और स्नातक स्तर के 150 अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर चयनित किया जाएगा। वर्तमान में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे सामान्य वर्ग श्रेणी के विद्यार्थियों की ओर से 11वीं कक्षा में कम से कम 75 फीसदी अंक प्राप्त किए हों।

अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आईआरडीपी और बीपीएल श्रेणी के विद्यार्थियों की ओर से 11वीं कक्षा में कम से कम 65 फीसदी अंक प्राप्त किए हों। 12वीं कक्षा पास कर चुके विद्यार्थियों के मामले में विभिन्न वर्गों के आवेदकों के लिए 12वीं कक्षा में अंकों की प्रतिशतता भी यही रखी गई है। जबकि, स्नातक स्तर में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अंकों की प्रतिशतता 50 तथा आरक्षित वर्गों के लिए 45 फीसदी रहेगी।
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उपनिदेशक ने कहा कि अभ्यर्थी के परिवार की कुल आय 2.50 लाख प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना में चयनित विद्यार्थी को संबंधित कोचिंग संस्थान में सभी कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य रखा गया है। इस योजना में चयनित विद्यार्थी को जीवनकाल में अधिकतम एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मेधावी की ओर से जिस भी कोचिंग संस्थान में प्रवेश लेना हो, उस संस्थान में आवश्यक संख्या में योग्य शिक्षक होने चाहिए।

उस संस्थान में कक्षाओं के संचालन के लिए आधारभूत संरचनानुसार पुस्तकालय और उपकरण आदि का समावेश होना आवश्यक है। संस्थानों को संबंधित कोचिंग कार्यक्रम में न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए। यदि किसी संस्थान की सफलता की दर काफी अधिक हो तो उस संस्थान को तीन साल से कम समय के लिए काम करने पर भी पात्र माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इच्छुक विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन पत्र संबंधित जिले के उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक के पास डाक या ईमेल के माध्यम से, स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त या संयुक्त निदेशक (काॅलेज) शिक्षा निदेशालय के पास डाक या ईमेल के माध्यम से 25 अप्रैल तक जमा करवा सकते हैं। योजना से संबंधित पूर्ण जानकारी शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट एजुकेशन डॉट एचपी डॉट जीओवी डॉट इन पर उपलब्ध है।

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