हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद पर वित्तीय मामलों में सरकार की कनसेंट लेने के सरकार की उच्च स्तरीय कमेटी के फैसले से विवि में हड़कंप मच गया है।
कर्मचारी भड़क गए हैं। वित्तीय शक्तियों को छीनने के संकेत पर कर्मचारी इसे एचपीयू की स्वायतता से छेड़छाड़ करार दे रहे हैं। कर्मचारियों की जेसीसी के चेयरमैन डॉ. हितेश्वर ठाकुर का कहना है कि ये मामला गंभीर है।
ईसी सदस्य चौधरी वरयाम सिंह बैंस समेत कोर्ट सदस्य तेज राम शर्मा का कहना है कि वे 22 जुलाई को विवि के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री के विवि के संभावित दौरे के दौरान उठाए गए सभी सवालों पर अपना पक्ष रखेंगे।
राज्यपाल से भी मुलाकात कर ईसी के फैसलों पर स्थिति साफ करेंगे। यदि स्वायतता छीनने की कोशिश हुई तो एक अगस्त से कर्मचारी काम बंद कर देंगे।