अस्पताल जाने के बजाय झाड़फूंक करने वालों के पास पहुंच रहे हैं पीलिया के मरीज
मैहली, लालपानी, संजौली और लक्कड़ बाजार में ज्यादा दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में पीलिया रोग ने दस्तक दे दी है। रोजाना करीब 50 मामले पीलिया के आ रहे हैं लेकिन इसमें अस्पताल उपचार करवाने कम ही लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि आईजीएमसी और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पीलिया से पीड़ित मरीज आ रहे हैं लेकिन इनकी संख्या काफी कम है। अधिकतर लोग झाड़फूंक करने वालों के पास ही जा रहे हैं।
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डॉ. जनक राज ने बताया कि पीलिया के दो मामले अलग-अलग क्षेत्र से आए हैं। शिमला में कांग्रेस कार्यालय के पास झाड़फूंक कर पीलिया का उपचार करने का दावा करने वाले जगत राम ने बताया कि उनके पास संजौली, चुरट नाला, डिंगू माता मंदिर क्षेत्र, लालपानी, बालूगंज, लक्कड़ बाजार, मैहली, ढली और कृष्णानगर से मरीज आ रहे हैं। इसमें मैहली, संजौली, लक्कड़ बाजार और लालपानी क्षेत्रों से पीलिया के मरीज अधिक हैं।
शहर में पानी की भी किल्लत चल रही है। लोग पेयजल स्रोतों का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें से अधिकतर का पानी पीने योग्य नहीं है। मीना अपनी चार साल की बेटी प्रीति की झाड़फूंक करवाने पहुंची थी। बताया कि बेटी को बुखार, उलटियां और पेट में दर्द उठा। निजी क्लीनिक में जांच करवाई तो पता चला कि पीलिया है। किरण अपनी बेटी रेणू का पांच दिन से पीलिया का उपचार करवा रही हैं। जगत राम ने दावा किया वह 60 सालों से पीलिया का उपचार कर रहे हैं। इनके पास हर रोज करीब 50 से ज्यादा लोग उपचार करवाने आते हैं।
उबालकर करें पानी का सेवन : डॉ. राणा
डीडीयू अस्पताल में बच्चों के विशेषज्ञ डॉ. राजेश राणा ने बताया कि गर्मी के मौसम में पीलिया होना सामान्य है। लोग उबालकर पानी का सेवन करें। बावड़ी का पानी इस्तेमाल न करें। रेहड़ी-फड़ी में खाने से बचें। शौच जाने के बाद हाथ साबुन से अच्छी तरह साफ करें। भोजन को ढक्कर रखें और ताजा खाना खाएं। फ्रिज में अधिक समय तक सब्जियां और फल न रखें। यदि किसी क्षेत्र में पीलिया के मामले एकसाथ चार से अधिक आते हैं तो प्रशासन को सूचित करें। पीलिया होने पर झाड़फूंक के बजाय अस्पताल में आकर इलाज करवाएं।
पीलिया रोग के लक्षण
रोगी को बुखार रहना, सिर में दर्द होना, उल्टी
चिकनाई वाले भोजन में अरुचि और उल्टी होना
आंख और नाखून का रंग पीला होना, भूख न लगना
पेशाब पीला आना, कमजोरी और थकान