राजधानी में बावड़ियों का पानी पीने से दर्जनों लोग पीलिया की चपेट में आ गए हैं।
अधिकांश मामले विकासनगर, देवनगर, पंथाघाटी, खलीनी, मैहली, मल्याणा, बस स्टैंड, टुटू, संजौली, घणाहट्टी और शोघी से आ रहे हैं।
हैरत की बात है कि रविवार को राज्य के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में पीलिया का एक भी मरीज नहीं पहुंचा जबकि झाड़-फूंक वाले के पास दर्जनों मरीज एकत्रित हुए।
अमर उजाला ने यहां मरीजों से बातचीत भी की। यहीं पता चला कि इन्होंने इलाके की किसी न किसी बावड़ी का पानी पीया है, जिससे ये लोग पीलिया की चपेट में आए गए।
निगम ने नहीं लगाए चेतावनी बोर्ड
उधर, नगर निगम ने हाल ही में 65 बावड़ियों, चश्मों और झरनों के पानी को दूषित तो बताया, लेकिन कहीं भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए।
लिहाजा, लोग बावड़ी का पानी पीकर पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। वहीं, डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. पीएल गौंटा ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को पीलिया के एक-एक मामले आए।
अभी शहर में पीलिया का मामला बहुत गंभीर नहीं है।