नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के मामलों में सच्चाई छिपाने का प्रयास कर रही है। जो सरकार पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है, उसे युवाओं के भविष्य पर राजनीति करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि प्रदेश की जनता पूछ रही है कि सरकार ने भर्ती परीक्षाएं करवाई ही कितनी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्री-नर्सरी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद भर्ती को बीच में रोकना पड़ा, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और कई शिक्षकों को निजी स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारियों और नर्सों की भर्ती के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से नियुक्तियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठे।