नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सेब के सीजन की शुरुआत हो गई है। भाजपा की सरकार में ही बागवानों के लिए यूनिवर्सल कार्टन में सेब बेचने की पहल की गई थी। कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने बिना पूरी तैयारी के यूनिवर्सल कार्टन को सेब खरीद में अनिवार्य कर दिया। सभी बागवानों के पास हजारों की संख्या में टेलिस्कोपिक कार्टन पहले से पड़े हुए हैं, जिनकी कीमत लाखों में है। सरकार टेलिस्कोपिक कार्टन को बागवानों से उचित मुआवजा देकर वापस ले, जिससे बागवानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में सेब का सीजन शुरू होने के ठीक पहले यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य कर दिया है।
अर्ली सीजन से जुड़े बागवानों ने टेलिस्कोपिक कार्टन की व्यवस्था पहले से कर ली थी। अब बागवानों को यूनिवर्सल कार्टन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यदि वह टेलिस्कोपिक कार्टन में ले जाते हैं तो आढ़ती खरीदने से मना कर दे रहे हैं। इस कारण एक तरफ उनका सेब नहीं बिक पा रहा और दूसरी तरफ मंडी से वापस लाने का अतिरिक्त खर्च भी हो रहा है। कार्टन न होने के कारण बागवान और आढ़ती दोनों परेशान हैं और सरकार ने नियम लाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया को यह भी बताना चाहिए कि विकास का एक भी काम न करने के बाद भी सरकार की ओर से कर्ज क्यों लिया जा रहा है।