फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयराम सरकार: दो साल में सरकारी स्कूलों को मिले सात हजार नए शिक्षक

Fri, 27 Dec 2019 09:52 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

जयराम सरकार का दो साल के कार्यकाल में शिक्षक भर्ती पर खासा जोर रहा है। जनवरी 2018 से दिसंबर 2019 तक प्रदेश के स्कूलों में सात हजार शिक्षकों की नई भर्ती की गई है। प्रदेश में पहली बार शुरू की गई प्री-प्राइमरी कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या 47 हजार पहुंच गई है। निजी स्कूलों का मुकाबला करने को शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से सरकारी स्कूलों में ड्रॉप आउट भी काफी घटा है।

विज्ञापन


वर्चुअल क्लास रूम से दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया गया है। ई-संवाद योजना से अभिभावकों को हर सप्ताह निजी स्कूलों की तर्ज पर एसएमएस से रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के तहत बीते दो साल के दौरान शिक्षकों व गैर शिक्षकों के 6276 पदों को सीधी भर्ती और शिक्षकों के 1555 पदों को पदोन्नति से भरा गया है। शिक्षकों के 2159 पदों को वर्तमान में भरने की प्रक्रिया जारी है।

3636 शिक्षकों के पदों को भरने के लिए बीते दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई है। ऐसे में साल 2019 के फरवरी तक प्रारंभिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती का आंकड़ा 10 हजार पार कर जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 600 नए पद भरे गए हैं। 450 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। करीब एक हजार पदों को भरने का प्रस्ताव कैबिनेट को अलग से भेजा भी गया है।
विज्ञापन


उधर, असेसमेंट डैशबोर्ड का उपयोग करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। इस तकनीक के प्रयोग से कोई भी व्यक्ति, अभिभावक, शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी स्कूलों में शुरू किए गए सीखने के परिणामों को देख सकते हैं। शिक्षा साथी एप से स्कूलों की मानीटरिंग ऑनलाइन की जा रही है। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें भी लगाई गई हैं।

दो साल बाद भी 9700 मेधावियों को नहीं बंटे लैपटॉप

27 दिसंबर को लैपटॉप का आवंटन होने की संभावना थी लेकिन अंतिम क्षणों में इसको मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में बीते दो साल से लैपटॉप मिलने के इंतजार में बैठे 9700 मेधावियों को निराश होना पड़ा है। साल 2017-18 और 2018-19 के मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। 

रंग उतरने की शिकायतों से स्मार्ट स्कूल वर्दी पर लगा दाग
निजी स्कूलों का मुकाबला करने के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पहली बार दी गई स्मार्ट वर्दी पर रंग उतरने के आरोप लगने से जयराम सरकार की इस योजना पर दाग भी लगा है। इसके अलावा कई जगह स्कूल बैग फटने का मामला भी सामने आया है।
विज्ञापन

अभी हजारों बस्तियों में नहीं पहुंचा पानी

जयराम सरकार ने सत्ता संभालते ही राजधानी शिमला में भयंकर पेयजल संकट झेला। इससे सीख लेते हुए सरकार दूसरे साल की गर्मियों में शिमला के जलसंकट पर काबू पाने में तो कामयाब रही। शहर के कुछ इलाकों में 24/7 की तर्ज पर पानी भी दिलाया जाने लगा, लेकिन प्रदेश के गांव-गांव में पर्याप्त पानी पहुंचाने की मुहिम को अंजाम देने के  रास्ते में अभी कई मुसीबतें हैं। हिमाचल प्रदेश में कुल 54,208 बस्तियां चिन्हित हैं।

इसमें से 34,080 बस्तियों को पूरा पेयजल मिल रहा है। बाकी बस्तियों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। आईपीएच विभाग में कर्मचारियों की बहुत कमी है। बगैर प्रशिक्षित स्टाफ के ही सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की योजनाएं चलाई जा रही हैं। खुद शीत सत्र के दौरान सरकार ने स्वीकार किया कि कर्मचारियों का डाइंग काडर बनाए जाने के कारण स्टाफ की कमी है। इससे लिफ्ट मशीनें या तो ठप पड़ी हैं या इन्हें अप्रशिक्षित स्टाफ चला रहे हैं।   
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें