राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी
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बागवानी और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुन कर आई सरकार को गिराने के लिए भाजपा की ओर से रचा गया षड्यंत्र संविधान और नैतिकता के खिलाफ है। भाजपा सत्ता पाने के लिए आतुर है और लोकतंत्र और संविधान को खतरे में डालने का प्रयास कर रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नैतिकता छोड़ दी है और सत्ता के लिए बिन पानी मछली की तरह तड़प रहे हैं।
नेगी ने सोमवार को सचिवालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा न सिर्फ हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गुलामी और तानाशाही की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के बागी विधायकों को लेकर नेगी ने कहा कि उन्हें अपनी शिकायत कांग्रेस विधायक दल की बैठक या पार्टी स्तर पर उठानी चाहिए थी। राज्यसभा के चुनावों से पहले भी लोकतांत्रितक तरीके से अपनी शिकायत रख सकते थे। लेकिन इन्हें तो दूसरे खेमे में जाकर सरकार को गिराना था। बजट सत्र के दौरान कट मोशन से सरकार गिर जाती है।
बागी विधायक तो सरकार गिरा रहे थे, इन पर कार्रवाई तो होनी ही थी, बिना कार्रवाई कैसे छोड़ सकते थे। अन्य विधायक भी बागियों के संपर्क में होते तो वह अकेले नहीं पड़ते। सुप्रीम कोर्ट आखिरी पड़ाव है, जो फैसला सुप्रीम कोर्ट देगा वह हमें भी मान्य होगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी संभावनाएं खुली रहती हैं। दोस्त दुश्मन बन जाते हैं और दुश्मन दोस्त। नेगी ने कहा कि कैबिनेट में कई मुद्दों पर सहमति नहीं होती, सभी अपने विचार रखते हैं। बहुमत जिसके साथ हो उस पर फैसला होता है। लेकिन कैबिनेट बैठक से मेरे निकलकर जाने पर बेवजह बवाल बनाया गया। इस मामले में मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।
जल्द एक्शन में आए हाईकमान की समन्वय समिति
जगत सिंह नेगी ने कहा कि हाईकमान की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षकों की ओर से समन्वय समिति के गठन की बात की गई थी लेकिन तीन नाम घोषित करने में गैर जरूरी देरी की जा रही है। समिति जल्द काम शुरू करे तो यह सरकार और पार्टी हित में रहेगा। हालांकि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष भी अपने स्तर पर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रयास कर सकते थे।