शिकायतकर्ता ने कहा कि करीब दो माह पहले लक्ष्मी महिला मंडल लारीकोट की महिलाएं ठूंठ निकालने मामले का विरोध कर रही थी। उस दौरान वन विभाग के अधिकारी पुलिस को साथ लेकर पहुंचे।
इनमें कोई भी महिला पुलिस कर्मचारी नहीं थी। ऐसे में पुरुष पुलिस कर्मचारी को महिलाओं को हटाने के लिए लगा दिया। जब सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल एक बूटा बेटी के नाम पौधे बांटने में व्यस्त थे तो पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता को मंच पर ही बुला लिया।
इस मसले पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है शिकायतकर्ता को पुलिस अधिकारी ने पुलिस की ऐसी शिकायत करने पर जवाब मांगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर जनमंच में ऐसी शिकायत नहीं कर सकते तो फिर कहां उठाएंगे।