आयोग के पूर्व अध्यक्ष केएस तोमर ने याचिका दायर कर आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों को सम्मानजनक पेंशन दिए जाने की मांग की है। याचिकाकर्ता के अनुसार प्रदेश लोक सेवा आयोग एक सांविधानिक संस्था है। इसके अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति सांविधानिक पद पर होती है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में राज्य लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों को मिलने वाली पेंशन से जुड़े मामले पर सुनवाई 4 सप्ताह के लिए टल गई है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष केएस तोमर ने याचिका दायर कर आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों को सम्मानजनक पेंशन दिए जाने की मांग की है। याचिकाकर्ता के अनुसार प्रदेश लोक सेवा आयोग एक सांविधानिक संस्था है। इसके अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति सांविधानिक पद पर होती है। उनका आरोप है कि जब अध्यक्ष व सदस्य लोक सेवा आयोग से सेवानिवृत्त होते हैं तो उन्हें 350 व 250 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। यह न केवल उनके साथ मजाक है बल्कि सांविधानिक पद को अपमानित करने जैसा है।
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आयोग के गठन के समय से यानी वर्ष 1971 से ही सेवानिवृत्त होने पर अध्यक्ष व सदस्यों को यह मासिक पेंशन देकर सरकार उनके साथ भद्दा मजाक कर रही है। याचिकाकर्ता ने इसे बढ़ाकर सम्मानजनक किए जाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने मामले पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान यह पाया था कि जब आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों को पेंशन देने का प्रावधान बनाया गया है तो इसे बढ़ाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। मामले पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि मामले को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और केबिनेट के फैसले के बाद ही सरकार अपना जवाब पेश करेगी।