फूलगोभी की पछेती किस्म पूसा स्नोवाल-16, पूसा स्नोवाल के-1, पूसा स्नोवाल के-25, पूसा शुभ्रा तथा संकर किस्म श्वेता, 626, माधुरी, महारानी, लकी, व्हाइट गोल्ड, बंदगोभी की किस्म प्राइड ऑफ इंडिया, गोल्डन एकड़, पूसा मुक्ता तथा संकर वरुण, इंपुरभड बहार, गांठ गोभी की किस्म व्हाइट वियाना, पालम टैंडरनाब, परपल वियाना और ब्राकली की उन्नत किस्म पालम समृधि, पालम हरीतिका, पालम कंचन, पालम विचित्रा और चाइनीज बंदगोभी (पालमपुर ग्रीन) की नर्सरी तैयार करने के लिए बीज उपचार कर बीजाई करें। निचले क्षेत्रों में पालक की किस्म पूसा हरित, पूसा भारती, मेथी की किस्म आईसी-74, पालम सौम्या, पूसा कसूरी की बिजाई पंक्तियों में 25-30 सेंटीमीटर की दूरी पर करें।
मटर की अगेती किस्म की बिजाई करें
प्रदेश के निचले और मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में मटर की अगेती किस्म पालम त्रिलोकी, अरकल, वीएल-7 और मटर अगेता की बिजाई लाइन में 30 और 7.5 सेंटीमीटर की दूरी पर करें। इन्हीं क्षेत्रों में फूलगोभी की पिछेती किस्मों, बंदगोभी, गांठ गोभी की पनीरी, मूली, शलगम, गाजर, पालक और मेथी इत्यादि की सीधी बिजाई का भी उचित समय है। बैंगन में तना एवं फल छेदक सुंडियों और करेला में हड्डा बीटल एवं पत्ते खाने वाली विभिन्न प्रकार की सुंडियों का प्रकोप होने पर साइपरमैथ्रिन 10 ईसी-1.5 मिलीलीटर या इमामेक्टिन बेंजोइट 0.4 मिली प्रति लीटर का छिड़काव करें।