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ठियोग-हाटकोटी सड़क के काम में हुई लापरवाही की होगी जांच

Thu, 30 Aug 2018 10:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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पहले चीनी कंपनी और फिर सीएनसी कंपनी से काम वापस लेने से चर्चा में रही बहुचर्चित ठियोग-हाटकोटी सड़क अब नए विवाद में फंस गई है। तीसरी फर्म के काम पर भी भाजपा सरकार के अपने ही विधायक नरेंद्र बरागटा ने सवाल खडे़ कर दिए हैं।

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बरागटा ने यहां तक कह डाला कि इस पर अफसरों, ठेकेदारों और नेताओं का नेक्सस काम कर रहा है। सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई। इस वजह से इसकी रिटेनिंग दीवारें ढह गई हैं।

प्रदेश का सबसे ज्यादा सेब इसी सड़क से ढोया जाता है। इसके निर्माण कार्य में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर के स्थान पर जवाब दे रहे आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को बार-बार इस मुद्दे पर घेरा।
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काम पूरा भी नहीं हुआ कि 14 रिटेंनिग दीवारें गिर गई

बार-बार दबाव बनाते हुए उन्होंने तब तक दम नहीं लिया, जब तक महेंद्र सिंह ने यह नहीं कहा कि इसमें हुई गड़बड़ियों पर जांच होगी। पिछले तीन दिनों से प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र मेें भाजपा सरकार के अपने ही विधायक काफी आक्रामक मुद्रा में नजर आ रहे हैं।

सोमवार को पर्यटन नीति पर अपनी बात कह रहे नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने मुख्यमंत्री के सत्र के बीच में ही दिल्ली जाने पर सदन में तीखी प्रतिक्रिया दी।

मंगलवार को ज्वालामुखी के भाजपा विधायक रमेश धवाला ने वृद्धावस्था पेंशन पर सवाल कर विपक्ष को अपनी ही सरकार को घेरने का मौका दिया तो बुधवार को बरागटा ने ठियोग-हाटकोटी सड़क का यह मसला उठाया।

बरागटा बोले कि अभी इस सड़क का काम पूरा भी नहीं हुआ कि 14 रिटेंनिग दीवारें गिर गई हैं।  दरअसल, मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदन में उपस्थित नहीं थे, उनके विभाग के प्रश्नों के उत्तर आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ही दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि 14 सुरक्षा व रिटेनिंग वॉल गिरी हैं। इससे 2 करोड़ 77 लाख 92 हजार 211 रुपये का नुकसान हुआ है। 1-8-2015 से 31- 7 -2016 तक 77 लाख 37,495 का नुकसान हुआ है। 

ठेकेदार से करेंगे भरपाई : मंत्री 

1-8-2016  से 31-7-2017 तक 20 लाख 77 हजार 630 रुपये, 1-8-2017  से 31-7-2018 तक 1 करोड़ 79 लाख 79086 रुपये का नुकसान हुआ है। विधायक नरेंद्र बरागटा ने अपने मूल सवाल में पूर्व कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि निहारी से खड़ापत्थर तक काम ही नहीं किया गया। सरकार 30 करोड़ का नुकसान बता रही है जबकि 20 दिवारें तो इसी महीने गिरी हैं। उन्होंने कहा कि करीब 30 करोड़ का नुकसान यहां पर हुआ है।

आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने कंपनी को समय पर इस संबंध में नोटिस जारी किए हैं। कंपनी का जवाब आया है कि उसने जो काम किया है, उसका इंश्योरेंस करवाया है। बीमा कंपनी से इसके पैसों की भरपाई की जाएगी। नुकसान की भरपाई ठेकेदार से ही की जाएगी। 

बिना बजट शिलान्यास करने के लिए अफ सर नहीं, नेता जिम्मेदार : महेंद्र सिंह

 बिना बजट के पेयजल स्कीमों का शिलान्यास करने के लिए अफसर नहीं, नेता जिम्मेदार हैं। मंत्रियों के दबाव में शिलान्यास किए जाते हैं। महेंद्र सिंह की ओर से यह बात कहने पर गैलरी में बैठे अफसरों ने खूब ठहाके लगाए।

दरअसल, विधायक विनोद कुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पेयजल योजना कनैड, भौर, दुगराई, छात्र, अपर बैहली और जुगाहण का शिलान्यास करने और पैसा उपलब्ध न कराए जाने का मामला उठाया था। इसके जवाब में महेंद्र सिंह ने यह शब्द कहे।  

जो सूचना मांगी, वह मिली ही नहीं: इंद्र सिंह

विधायक इंद्र सिंह प्रश्न के उत्तर में सही जानकारी न मिलने पर सदन में नाराज दिखे। उन्होंने जबोटी खड्ड पर जाहू व भावंला को जोड़ने वाले पुल के क्षतिग्रस्त होने का मामला उठाया था।

जबोटी खड्ड व सीर खड्ड पर जाहू व भांवला को जोड़ने वाले 135 मीटर पुल के निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमोदन व व्यय स्वीकृति के लिए सीआरएफ  के तहत 360 लाख राशि दी गई है।

इसके लिए अधिशाषी अभियंता बड़सर को राशि आवंटित की गई है। मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि यह कार्य दो साल में पूरा हो जाएगा। अब तक 85 फ ीसदी कार्य पूरा हो चुका है। 
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पशु औषधालय के भवन निर्माण के लिए जल्द होगा भूमि का चयन

पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में 29 नियमित पशु औषधालय और 23 पंचायत पशु औषधालय हैं। यह मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत कार्यरत है। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने यह जानकारी विधायक सुरेश कश्यप की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने कहा कि जो पशु औषधालय निजी भवनों में चल रहे हैं, उसके लिए जमीन मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने विधायक को सुझाव दिया कि यदि वह विधायक निधि से इसके लिए कुछ राशि देते हैं तो मनरेगा के तहत इस कार्य को करवाया जा सकता है, जिससे निर्माण कार्य जल्दी पूरा होगा।
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