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कंपनी को बताना होगा, कितना पुराना सामान बेचा

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शिमला। शहर में पेयजल व्यवस्था संभाल रही शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड की ओर से की गई पुराने सामान और मीटरों की बिक्री पर नगर निगम ने रिपोर्ट तलब कर दी है।
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निगम प्रशासन ने 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। पिछले छह महीने में कंपनी ने लाखों रुपये के पुराने सामान की नीलामी की है। इनमें 5200 पानी के पुराने मीटर भी शामिल हैं जिन्हें कंपनी ने चंद दिन पहले ही बेचा है। इसके अलावा लोहे का सामान और पंपिंग स्टेशनों से भी लाखों रुपये के लोहे और दूसरी धातुओं के पुराने सामान को बेचा गया है। कंपनी का कहना है कि यह सामान काफी पुराना और कंडम हो चुका है। सरकार के निर्देशों के अनुसार इसे नीलाम किया जाना जरूरी है। लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि एक ही ठेकेदार को ज्यादातर स्क्रैप बेचा जा रहा है। नीलामी संबंधी सूचना सीमित रखने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 30 अगस्त को हुए नगर निगम सदन में पार्षद विवेक शर्मा ने भी नगर निगम से पूछे बिना स्क्रैप की बिक्री पर सवाल उठाए थे।
पार्षद ने उठाए थे ये सवाल
पार्षद विवेक शर्मा ने सवाल उठाए थे कि पहले यह संपत्तियां निगम की थीं। कंपनी 2018 में बनी है। ऐसे में पुराना स्क्रैप बेचकर मिलने वाला पैसा निगम को मिलना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। कहा कि लाखों रुपये का सामान बेचा जा रहा है जिसकी रिपोर्ट ली जानी चाहिए। बाद सदन ने फैसला लिया था कि कंपनी से इसकी रिपोर्ट ली जाए। नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि कंपनी से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
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कंपनी को शिफ्ट हो चुकी हैं संपत्तियां
पेयजल पंपिंग और सप्लाई से जुड़ी करीब तीन सौ करोड़ रुपये मशीनरी और संपत्तियां नगर निगम से कंपनी को शिफ्ट हो चुकी हैं। ऐसे में कंपनी अपने सामान या मशीनरी को बेच सकती है। लेकिन पार्षदों ने पुराने सामान की बिक्री पर सवाल उठाए हैं जिसकी खरीद नगर निगम ने की थी।
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