रिस्क तो है, लेकिन इस महामारी में मानवता की सेवा से मुंह भी नहीं मोड़ा जा सकता। यही मौका है संकट की इस घड़ी में अपना फर्ज निभाकर लोगों की सेवा करने का। यह बात लाहौल-स्पीति के पीएचसी ताबो में तैनात स्टाफ नर्स लोवजग यंगछेन ने कही। स्टाफ नर्स लोवजग 11 माह की दुधमुंही बच्ची की भी परवाह न करते हुए कोविड ड्यूटी और सैंपलिंग में चिकित्सक तेंजिन आंगमों के साथ सेवाएं दे रही हैं।
रिस्क तो है, लेकिन इस महामारी में मानवता की सेवा से मुंह भी नहीं मोड़ा जा सकता। यही मौका है संकट की इस घड़ी में अपना फर्ज निभाकर लोगों की सेवा करने का। यह बात लाहौल-स्पीति के पीएचसी ताबो में तैनात स्टाफ नर्स लोवजग यंगछेन ने कही। स्टाफ नर्स लोवजग 11 माह की दुधमुंही बच्ची की भी परवाह न करते हुए कोविड ड्यूटी और सैंपलिंग में चिकित्सक तेंजिन आंगमों के साथ सेवाएं दे रही हैं।
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महिला स्वास्थ्य कर्मी ने तीन साल की बेटी को ससुराल में छोड़ा है। स्पीति के ताबो में तैनात स्टाफ नर्स लोबजग यंगछेन की हिम्मत को हर कोई सलाम कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी लोवजग यंगछेन तथा सीएचसी काजा में तैनात स्टाफ नर्स सोनम के कार्यों की प्रशंसा कर रहे हैं। प्रदेश के दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्स लोवजग का कामकाज सराहनीय है। स्टाफ नर्स ने चिकित्सक डॉ. तेंजिन आंगमों के साथ करीब साढ़े तीन सौ से अधिक स्थानीय व प्रवासी मजदूरों के कोरोना टेस्ट लिए हैं।
कई बार रात को साढ़े नौ बजे तक मजदूरों के कोविड सैंपल लिए हैं। लोवजग यंगछेन जब सुबह ड्यूटी पर जाती हैं तो दुधमुंही बच्ची को 12 साल की भतीजी के हवाले छोड़ जाती है। बीएमओ काजा डॉ. तेंजिन नोरबू ने स्टाफ नर्स लोवजग यंगछेन और सोनम के कोविड ड्यूटी के कार्यों की जमकर सराहना की है। बताया कि सीएचसी काजा में तैनात सोनम भी कोविड मरीजों के देखभाल के साथ प्रसव व अन्य ड्यूटी में बेहतरीन सेवाएं दे रही हैं।