21वीं सदी में पहुंचने के बावजूद हिमाचल के कुछ गांवों में सामाजिक कट्टरता जिंदा है। अपने ही गांव के युवक से प्रेम विवाह करने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार की खबर मिलने पर महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का दूसरे वार्ड में तबादला कर दिया।
मामला गगरेट विकास खंड की पंचायत चलेट के वार्ड नं 2 का है। यह विवाद बीती दस फरवरी को उस वक्त शुरू हुआ जब गांव में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गांव के ही एक युवक से कोर्ट में शादी कर ली।
गांव के लोगों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का सामाजिक बहिष्कार शुरू कर दिया। गांव के कुछ लोगों ने फैसला लिया कि न तो वे अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में भेजेंगे और न ही गर्भवती महिलाओं के लिए इस कार्यकर्ता के हाथ से पोषाहार लेंगे।
और फिर कर दिया तबादला
इसके बावजूद इसके महिला कार्यकर्ता ने अपना काम जारी रखा। इस पर लोग बाल विकास परियोजना अधिकारी दफ्तर गगरेट में शिकायत करने पहुंच गए। लंबे समय से चल रहे इस मामले में आखिरकार सोमवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी गगरेट ने आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा किया और पंचायत प्रधान चलेट व अन्य लोगों के साथ बैठक की।
बैठक में फैसला लिया गया कि महिला कार्यकर्ता का ट्रांसफर कर दिया जाए। अधिकारी के इस फैसले से लोग खुश हो गए और बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में भेजने के लिए तैयार हो गए। विवाद को खत्म कराने के लिए विभाग अब खुद की पीठ थपथपा रहा है।
'वार्ड दो में ही बदला है कार्यकर्ता को'
वार्ड नंबर दो में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामाजिक बहिष्कार को गांववासियों के साथ सहमति से समाप्त कर दिया गया है। उक्त केंद्र में तैनात कार्यकर्ता को वार्ड दो में ही चल रहे दूसरे केंद्र में ट्रांसफर कर दिया है। गांववासी अपने बच्चों को अब आंगनबाड़ी केंद्र में भेजने के लिए तैयार हो गए हैं।
- रणजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, गगरेट
वार्ड दो में लोगों की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामाजिक बहिष्कार को समाप्त करने के लिए महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी गगरेट और गांववालों के साथ सोमवार को एक बैठक हुई है। बैठक में फैसले के बाद कार्यकर्ता को विभाग ने दूसरे केंद्र में भेज दिया है। अब गतिरोध समाप्त हो गया है।
- प्रोमिला ठाकुर, पंचायत प्रधान चलेट