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Shimla: इंश्योरेंस कंपनी को ही देना होगा 19.52 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया हाईकोर्ट का निर्णय

Tue, 06 Jun 2023 08:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 हिमाचल हाईकोर्ट ने वाहन दुर्घटना प्राधिकरण के निर्णय को पलटते हुए इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा अदा करने का निर्णय सुनाया था। इस निर्णय को इंश्योरेंस कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को ही मृतक के आश्रितों को 19.52 लाख रुपये का मुआवजा अदा करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए कंपनी की अपील को खारिज कर दिया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने वाहन दुर्घटना प्राधिकरण के निर्णय को पलटते हुए इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा अदा करने का निर्णय सुनाया था। इस निर्णय को इंश्योरेंस कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। राजेंद्र सिंह ठाकुर की अपील को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा अदा करने का आदेश दिया था। अदालत ने अपने निर्णय में कहा था कि जाली लाइसेंस की दलील देने वाली कंपनी को ही इसे अदालत के समक्ष साबित करने का दायित्व होता है।

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इंश्योरेंस कंपनी ने वाहन दुर्घटना प्राधिकरण के समक्ष दलील दी थी कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक चालक के पास जाली लाइसेंस था। प्राधिकरण को बताया गया था कि चालक ने नागालैंड से बना हुआ लाइसेंस पेश किया था, जोकि कंपनी के अनुसार जाली था। लेकिन कंपनी प्राधिकरण के समक्ष यह साबित करने में नाकाम रही कि चालक का लाइसेंस जाली था। वाहन दुर्घटना प्राधिकरण ने ट्रक के मालिक को मृतक के आश्रितों को मुआवजा दा करने के लिए बाध्य ठहराया था। इस निर्णय को ट्रक मालिक ने हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाया था कि इंश्योरेंस कंपनी को ही प्राधिकरण के समक्ष लाइसेंस को जाली साबित करना था, जो वह नहीं कर पाई। अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा अदा करने के आदेश दिए थे।

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