हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध मैनेजमेंट, कंप्यूटर कोर्स करवा रहे संस्थानों को अब AICTE का अप्रूवल लेना होगा। नए सत्र में काउंसिल से मंजूरी मिलने पर ही नए बैच शुरू किए जा सकेंगे। विवि ने यूजीसी के आदेशों पर सभी संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स चला रहे संस्थानों को ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निलक एजुकेशन से अगले सत्र के लिए कोर्स के नए बैच शुरू करने को अनुमति लेना अनिवार्य किया है। विवि के कुलसचिव की ओर से इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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इसमें कहा गया है ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन के चेयरमैन प्रो. टीजी सिथाराम की की ओर से जारी आदेशों की पालना करते हुए संस्थानों में चल रहे बीबीए, बीसीए, बीएमएस कोर्स के लिए काउंसिल से अनुमति लेने को अनिवार्य किया गया है। विवि ने एआईसीटीई की ओर से जारी आदेशों के साथ अधिसूचना विवि की वेबसाइट पर अपलोड की है।
विवि परिसर और इसके अपने मैनेजमेंट और कंप्यूटर संस्थानों, कॉलेजों में ये कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर के अधिकतर बड़े कॉलेजों में बीसीए जैसे कोर्स चल रहे हैं, वहीं कुछ में बीबीए कोर्स भी करवाए जा रहे हैं। इन सभी कॉलेजों को नया सत्र शुरू होने से पूर्व एआईसीटीई से अप्रूवल लेनी होगी, तभी वे कोर्स संचालित कर सकेंगे।
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एचपीयू सत्र 2024 में लागू होगा एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट
यूजीसी की उच्च अध्ययन संस्थानों के सभी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से जोड़ने के फैसले को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय लागू करेगा। विवि के कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र शर्मा ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अनुसार अब विवि में हर यूजी, पीजी, डिग्री, डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने वाले हर छात्र का एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में खाता खुलेगा। पूरा एकेडमिक रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।
विवि ने अधिसूचना में कहा है कि नए सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी संबद्ध कॉलेजों, एचपीयू परिसर, इसके अपने संस्थानों के विद्यार्थियों का एबीसी एकाउंट खुलेगा, उन्हें ऑनलाइन ही यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने कहा कि विवि पिछले दो साल से इस नई सुविधा को शुरू करने का प्रयास कर रहा है, इसमें कुछ विद्यार्थियों का एबीसी में पंजीकरण भी हो चुका है।
इसकी अब विवि ने अधिसूचना जारी कर दी है। इससे जाहिर है कि विवि अब यूजीसी के आदेशानुसार एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट से संबंधित सभी नियमों को लागू करेगा। छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन अपना रिकॉर्ड देखने और डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि विवि स्तर पर इस नई सुविधा को प्रभावी ढंग से लागू करने को तकनीकी और एकेडमिक कमेटियां बनी हैं, जल्द हर नए पुराने एबीसी में पंजीकृत छात्रों के रिकाॅर्ड को राष्ट्रीय स्तर के पोर्टल पर अपलोड करने को अलग से स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इसके लिए अलग से विशेष तवज्जो दी गई है। एकेडमिक काउंसिल की स्टेंडिंग कमेटी की अनुशंसा पर 23 दिसंबर 2023 को हुई विवि कार्यकारिणी परिषद की बैठक में एबीसी को लागू करने और आदेशों को अपनाने का निर्णय हो चुका है। इस पर यह अधिसूचना जारी की गई है। प्रदेश विवि के लाखों नए-पुराने छात्रों के एबीसी के एकाउंट बनेंगे, उन्हें आईडी पासवर्ड जारी होंगे, उनका अपना एकेडमिक एकाउंट होगा।