हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी के बद्दी में हिलटॉप स्थित परफ्यूम बनाने वाली अरोमा फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड के प्रभावितों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि कंपनी में आग लगने के बाद स्टाफ के लोग मौके से भाग गए, जबकि कामगार अंदर जल गए। कुछ कामगार कूदकर मर गए, जबकि कंपनी के अफसरों को कुछ नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश की वंदना ने कहा कि कंपनी में उनकी बहन काम करती थी, लेकिन अभी उसका पता नहीं चल पाया है। वंदना ने आरोप लगाया कि कंपनी घाटे में चल रही थी और इसे बंद करने की तैयारी थी। यह बात स्टाफ को भी पता थी। जानबूझ कर आग लगाकर कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी गायब हो गए, लेकिन कामगारों को जान गंवानी पड़ी। कंपनी के मालिक, एमडी, जीएम, एचआर और सुपरवाइजर सब गायब हैं। परिजनों के अनुसार यदि कंपनी घाटे में चल रही थी तो जलाई क्यों गई और क्यों मजदूरों की जान ली गई। परिजनों ने मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। कहा कि कंपनी में करीब 400 लोग काम करते थे। एक अन्य परिजन हसमत ने आरोप जड़े कि आग लगने के समय सारा स्टाफ बाहर क्यों था। वह सुपरवाइजर को ढूंढ रहे हैं, मगर वह भी गायब है। बड़ी बात यह है कि आग के समय गेट बंद क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार के पास उनकी बहन काम करती थी, अब उसका नंबर गलत बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी में एक शिफ्ट में करीब 190 लोग काम करते थे।