मैक्लोडगंज के मुख्य बौद्ध मंदिर में शुक्रवार को आयोजित भारत-तिब्बत मैत्री मंच के 25वें स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि आज के समय हमारे समाज को हमारे देश को रावण और कंस की आवश्यकता नहीं है राम और कृष्ण की आवश्यकता है।
भारत-तिब्बत मैत्री मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने कहा कि युद्ध के इस दौरा में हमें हिंसा नहीं, बल्कि अहिंसा परमो मैत्री की स्थापना करना आवश्यक है। मैक्लोडगंज के मुख्य बौद्ध मंदिर में शुक्रवार को आयोजित भारत-तिब्बत मैत्री मंच के 25वें स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि आज के समय हमारे समाज को हमारे देश को रावण और कंस की आवश्यकता नहीं है राम और कृष्ण की आवश्यकता है। युद्ध की कामना के बजाय में बौद्ध की कामना करना चाहता हूं।जिससे विश्व भर में शांति का स्थापना हो सके।
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साथ ही हम सब विश्व की समस्त शक्तियों से यहां आग्रह करते हैं कि वहां एक साथ होकर तिब्बती लोगों को उनके मौलिक अधिकार,ऑटोनॉमस एवं आजादी दिलाने में सहायता करें। उन्होंने कहा कि वे उस संस्था की भी सहयोग करेंगे जो दलाईलामा के साथ मिलकर वर्षों से उनके मौलिक अधिकार दिलाने में उनकी सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि चीन अपना षड्यंत्र बंद कर तिब्बती जनता को उनके मौलिक अधिकार वापस करें, जिससे तिब्बती जनता निष्कासित नहीं बल्कि निवासी बन कर तिब्बत का निर्माण करें।