भारतीय वायु सेना हिमाचल से सटी चीन सीमा पर युद्धाभ्यास कर रही है। पाकिस्तान से लगने वाली पश्चिमी सीमा पर दमखम दिखाने के बाद भारतीय वायुसेना अब लेह लद्दाख से लेकर हिमाचल और अरुणाचल प्रदेश तक की चीन सीमा पर युद्धाभ्यास कर रही है।
बुधवार को वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने लाहौल और ऊझी घाटी में जमकर अभ्यास किया। जब घाटी के ऊपर से लड़ाकू विमान उड़ रहे थे तो सुपरसोनिक साउंड से पूरा पीरपंजाल इलाका थर्राने लगा। किसी अनहोनी की आशंका से लोग सहम उठे और ऊझी घाटी में लोग घरों से बाहर निकल आए।
पीरपंजाल और सीबी रेंज को पार कर पर्यटन नगरी मनाली तक विमानों की इसकी गूंज सुनाई दी। दरअसल यह भारतीय वायु सेना का अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास गगन शक्ति-2018 का हिस्सा है, जिसमें बीते सप्ताह पाकिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर केवल तीन दिनों में सैकड़ों उड़ानें भरी थीं।
इसी कड़ी में बुधवार को लाहौल और लद्दाख के आसमान पर दिन भर एक साथ लड़ाकू विमान उड़ान भरते देखे गए। एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि यह वायु सेना का युद्धाभ्यास का हिस्सा है। वहीं एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि यह रिहर्सल आगे भी जारी रह सकती है।
ऐसे में लोग न घबराएं। पलचान पंचायत के पूर्व प्रधान सिंगी राम, शनाग पंचायत के प्रधान प्रताप ठाकुर, मनाली गांव के पूर्व उपप्रधान निमत राम, मनाली गांव की प्रधान मोनिका भारती, वशिष्ट के प्रधान प्रेम लाल, प्रीणी के प्रधान शिव राम, जगतसुख के प्रधान जीवन नेगी ने बताया कि अचानक जोरदारों आवाजों से सहम कर लोग घरों से बाहर निकल आए।