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पाकिस्तान की हरकतों पर अब यहां से नजर रखेगा भारत

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पाकिस्तान और चीन पर नजर रखने के लिए हिमाचल के कांगड़ा हवाई अड्डे में सबसे बड़ा एयरबेस बनेगा। इसके लिए वायुसेना ने एयरपोर्ट में 1200 एकड़ की जमीन मांगी है। यहां असलाह और इमरजेंसी से निपटने को लड़ाकू विमान रखे जाएंगे।
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हाल ही में पंजाब में हुए आतंकी हमलों के बाद रक्षा मंत्रालय सुरक्षा को लेकर गंभीर है। जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बीच में रोककर नए सिरे से दो प्रस्ताव सरकार को भेजे हैं। सरकार दोनों प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी। जिला प्रशासन ने एक प्रस्ताव हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को बनाया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने विस्तारीकरण को करीब 190 एकड़ जमीन मांगी है।

दूसरा प्रस्ताव वायुसेना के लिए बनाया गया है। इसमें वायुसेना ने 1200 एकड़ जमीन मांगी है। जमीन अधिग्रहण को लेकर फाइल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेज दी थी, लेकिन अचानक वायुसेना के एयरपोर्ट में 1200 एकड़ जमीन मांगने से नए सिरे से प्रस्ताव बनाने पड़े। नई प्रक्रिया के चलते अब मामला सरकार और केंद्र के बीच ही चलेगा।
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सुरक्षित स्थान चाहती है वायुसेना

सूत्रों के अनुसार किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए वायुसेना कांगड़ा को सुरक्षित स्थान बनाना चाहती है। इसलिए इतनी जमीन प्रदेश सरकार से मांगी है। सूत्रों की मानें तो रक्षा मंत्रालय पठानकोट हवाईअड्डे को इमरजेंसी के लिए ज्यादा सुरक्षित नहीं मान रहा। ऐसे में रक्षा मंत्रालय मान रहा है कि कांगड़ा हवाई अड्डा सबसे सुरक्षित स्थान बन सकता है।

लेह-लद्दाख तक आसानी से असलाह पहुंचाया जा सकता है। कांगड़ा हवाई अड्डे में वायुसेना इमरजेंसी के दौरान नेवी को भी सपोर्ट करेगी। 1200 एकड़ जमीन लेने के बाद वायुसेना असलाह रखने को कांगड़ा हवाई अड्डे में जगह बनाएगी। इमरजेंसी से निपटने को लड़ाकू विमान भी यहीं रखे जाएंगे।
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वायुसेना के पास होगी छह गुना ज्यादा जमीन

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को 190 एकड़ जमीन मांगी है। कांगड़ा एयरपोर्ट के पास वर्तमान में करीब 100 एकड़ से ज्यादा जमीन है। 190 एकड़ जमीन मिलने के बाद अथॉरिटी के पास करीब 300 से 350 एकड़ जमीन हो जाएगी। वायुसेना ने खुद के लिए अलग से 1200 एकड़ जमीन की मांग की है। यह वर्तमान एयरपोर्ट से छह गुना ज्यादा होगी।

इस मामले में जिला कांगड़ा प्रशासन का काम सिर्फ निशानदेही तक ही सीमित होगा। अतिरिक्त उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने प्रदेश सरकार को जिला प्रशासन की ओर से दो नए प्रस्ताव भेजने की पुष्टि की है।
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