हिमाचल के जिला चंबा के बकलोह में भारतीय सेना और रॉयल ओमान सेना ने ‘आतंकवादियों’ को मारकर सैन्य अभ्यास पूरा किया। रविवार को हेलीकॉप्टर से उतरकर जंगल में छिपे आतंकवादियों को मारने की रिहर्सल की। सैन्य अभ्यास करीब 14 दिन तक चला।
इसमें दोनों सेनाओं ने आतंकियों को मारने, विकट परिस्थितियों से जूझने आदि का अभ्यास किया। समापन समारोह में 39 डिविजन के जीओसी मेजर जनरल नवीन एरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद आज पूरे विश्व में चुनौती बन चुका है।
आतंकवाद को खत्म करने के लिए किया अभ्यास
इसी के मद्देनजर यह संयुक्त अभ्यास किया गया। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने एक दूसरे से काफी कुछ सीखा। पहली बार ओमान की सेना 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड का हिस्सा बनी थी।
यह सैन्य अभ्यास 6 मार्च से भारतीय सेना और रॉयल ओमान आर्मी के बीच जिला चंबा के बकलोह में शुरू हुआ था। इस संयुक्त अभ्यास में आतंकवाद को खत्म करने के लिए अभ्यास किया गया। विकट परिस्थितियों में कैसे आतंकवादियों को मार गिराया जाता है, इस अभ्यास में सिखाया गया।
गोरखा राइफल्स ने किया भारतीय सेना का नेतृत्व
संयुक्त युद्ध अभ्यास में आपसी मेलजोल को भी प्रदर्शित किया। इससे पहले युद्ध अभ्यास जनवरी 2015 में आयोजित किया गया था। इसमें भारतीय सेना का नेतृत्व 9वीं गोरखा राइफल्स की चौथी बटालियन ने किया था। ओमान देश की रॉयल आर्मी का नेतृत्व 23 इंफेंट्री ब्रिगेड ने किया था।
समापन समारोह में दोनों देशों की सेनाओं ने एक दूसरे को स्मृति चिन्ह भेंट किए। भारतीय सेना और रॉयल ओमान सेना के सैनिकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। 18 बिहार रेजीमेंट के जवानों के पेश मयूर नृत्य को काफी सराहा गया।