सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) की ओर से रखे गए अध्यापकों के स्थानों पर नियमित शिक्षकों को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसएमएसी शिक्षकों की सेवाओं को सत्र 2017-18 में भी जारी रखा जाएगा।
सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि कंप्यूटर और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक माह के भीतर नीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये बात कही।
सीएम वीरभद्र सिंह ने बावा हरदीप सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में दिहाड़ी को 250 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये शामिल करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि वाटर कैरियर के नियमितीकरण के लिए निर्धारित शर्त को 14 वर्ष से घटाकर आठ वर्ष किया जाना चाहिए।
उन्होंने पंप आपरेटरों के नियमितीकरण की सेवा अवधि को भी कम करने का आग्रह किया। उद्योग विभाग के निदेशक राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को अन्य मांगों के बारे में जानकारी दी। बैठक में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न संघों और एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सोलर पावर प्लांट लगाने को सरकार देगी 70 फीसदी सब्सिडी
हिम ऊर्जा ने साल 2022 तक आम लोगों के घरों और सरकारी संस्थानों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाकर 10 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने और पेश आ रही समस्याओं को लेकर शनिवार को होटल ट्रिपल एच शिमला में कार्यक्रम हुआ। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के दोहन पर सरकार गंभीर है। इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत स्वच्छ विद्युत नीति लागू की गई है। राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड विद्युत उत्पादन की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है। कुछ माह को छोड़ शिमला सौर रूफटॉप ऊर्जा के लिए अनुकूल है। यह एक लाभदायक व्यापार है।
जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। वह दिन दूर नहीं है, जब हिमाचल में सौर ऊर्जा का उत्पादन आरंभ होगा। उन्होंने हिम ऊर्जा और विद्युत बोर्ड को इस क्षेत्र में आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। कहा कि हालांकि सौर ऊर्जा के मुकाबले की जल विद्युत विशेषकर छोटे जल एवं नवीकरण ऊर्जा की क्षमता सीमित है।
सौर ऊर्जा पूरे प्रदेश में बारह मासी है। केवल सौर ऊर्जा ही विद्युतीकरण से छूटी गई बस्तियां, जो कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रही हैं, के लिए एक विकल्प है। सौर ऊर्जा उत्पादक उत्पादित विद्युत को अपनी इच्छा के अनुरूप प्रदेश के अंदर किसी भी उपभोक्ता और राज्य विद्युत बोर्ड को बेचकर अपनी आय सृजित कर सकते हैं। नगर निगम के महापौर संजय चौहान ने कहा कि जीवाश्म ईंधनों के प्रभाव को कम करने की जरूरत है।
रूफ टॉप सौर कार्यक्रम से लोगों को बिजली के भारी-भरकम बिलों से राहत मिलेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्युत तरुण श्रीधर ने कहा कि सौर ऊर्जा के उत्पादन के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है। उप महापौर टिकेंद्र पंवर, निदेशक हिम ऊर्जा केएल ठाकुर, विशेष सचिव ऊर्जा अजय शर्मा भी मौजूद रहे।
70 फीसदी सब्सिडी देगी सरकार
हिम ऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भानु प्रताप ने बताया कि सोलर पावर प्लांट लगाने को केंद्र सरकार 70 फीसदी सब्सिडी दे रही है। एक किलोवाट प्लांट से पांच यूनिट सौर ऊर्जा पैदा की जा सकती है। ढाई रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से सौर ऊर्जा बिजली बोर्ड खरीदेगा। एक किलोवाट प्लांट लगाने पर करीब 80 हजार खर्च आता है। इसमें सिर्फ 24 हजार रुपये प्लांट लगाने वाले व्यक्ति को देना होगा, शेष धनराशि केंद्र सरकार देगी।