फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्मशाला में बारिश ने धोया टी-20 मैच, एचपीसीए ने इस देवता से मांगी माफी, जानिए वजह

Mon, 16 Sep 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
विज्ञापन
1 of 7
- फोटो : अमर उजाला
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी-20 शृंखला का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश न रुकती देख हिमाचल क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने धर्मशाला के आराध्य देव इंद्रूनाग से पूजा अर्चना कर माफी मांगी, लेकिन मैच पूरी तरह से धुल गया।
 
विज्ञापन

2 of 7
- फोटो : अमर उजाला
मैच सात बजे शुरू होना था, लेकिन दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे शुरू हुई बारिश आठ बजे तक जारी रही। हालांकि कुछ देर के लिए बारिश थमी, तो एचपीसीए और क्रिकेट प्रेमिओं के चेहरे खिल गए, लेकिन इंद्रूदेव के तेवर फिर तीखे हो गए। इसके बाद आठ बजे मैच को रद्द करने की घोषणा कर दी गई। इसके साथ ही बारिश के बीच स्टेडियम में डटे क्रिकेट प्रेमियों में मायूसी छा गई। 


 
विज्ञापन

3 of 7
धर्मशाला - फोटो : पीटीआई
इससे पहले धर्मशाला में करीब दो साल बाद हो रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को बारिश की भेंट चढ़ता देख अंतिम समय में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी स्टेडियम के ठीक सामने पहाड़ पर बारिश के देवता इंद्रूनाग के पुजारियों से संपर्क किया। पुजारी ने एचपीसीए प्रबंधन को दो टूक कहा कि अंतिम समय में वह कुछ नहीं कर सकते।
 

4 of 7
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, धर्मशाला - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने मैच के लिए खासतौर पर आए एचपीसीए के अध्यक्ष रहे केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को मंदिर आने की बात कही। कहा-यदि वह मंदिर नहीं आ सकते, तो स्टेडियम से धूप जलाकर देवता से अरज करेें। इसके बाद एचपीसीए पदाधिकारियों ने स्टेडियम में ही आनन-फानन में बैठक की। पूजा-अर्चना के बाद भी बारिश नहीं रुक पाई। देवता इंद्रूनाग के पुजारी विपिन शर्मा ने बताया कि एचपीसीए के पदाधिकारियों ने देर शाम फोन से संपर्क किया था। 


 
विज्ञापन

5 of 7
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक मान्यता के अनुसार धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के बाद से हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ इंद्रुनाग मंदिर में भंडारा लगाता रहा है। जब भी धर्मशाला को अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी मिलती, तो एचपीसीए पदाधिकारी मैच से पहले इंद्रूनाग के मंदिर जाकर हवन-यज्ञ, पूजा, कन्या-पूजन और भंडारे का आयोजन करते थे।

 
विज्ञापन

6 of 7
- फोटो : अमर उजाला
इसमें तत्कालीन एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी शामिल होते थे। देवता  से मैच के सफल आयोजन की मन्नत मांगते थे, लेकिन लोगों के अनुसार पिछले पिछले दो साल से एचपीसीए ने देवता के दरबार में कोई आयोजन नहीं किया। मान्यता है कि इंद्रुनाग मंदिर में विराजमान भगवान की मान्यता क्षेत्र में बारिश के देवता के रूप में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसान जब भी फसल आदि का काम करना शुरू करते हैं, तो बारिश से बचने के लिए इंद्रुनाग देवता के नाम पर पहले पूजा-अर्चना होती है। दोपहर बाद से एचपीसीए स्टेडियम और आसपास ही बारिश होती रही। इसके अलावा साथ लगते इलाकों दाड़ी, खानियारा, पास्सू, गगल, कांगड़ा में बारिश नहीं हुई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें