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कुल्लू: बर्फ में दौड़ने वाली फोर बाई फोर गाड़ियों की बढ़ी बिक्री

Tue, 26 Oct 2021 05:00 AM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

खासकर पर्यटन नगरी मनाली में इन वाहनों का प्रचलन अधिक बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि रोहतांग दर्रा के लिए जब से एनजीटी ने सख्ती दिखाई है तब से लेकर निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों में तेजी आई है। कुल्लू में सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिन्हें लोग टैक्सी के रूप में इस्तेमाल कर खूब मुनाफा कमा रहे हैं।
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बर्फ(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सर्दी के मौसम में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू का अधिकतर क्षेत्र बर्फीला होने से घाटी में बर्फ के बीच चलने वाले फोर बाई फोर वाहनों का क्रेज बढ़ने लगा है। निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कुल्लू में सालाना लगभग 100 से अधिक वाहन खरीदे जा रहे हैं। खासकर पर्यटन नगरी मनाली में इन वाहनों का प्रचलन अधिक बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि रोहतांग दर्रा के लिए जब से एनजीटी ने सख्ती दिखाई है तब से लेकर निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों में तेजी आई है। कुल्लू में सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिन्हें लोग टैक्सी के रूप में इस्तेमाल कर खूब मुनाफा कमा रहे हैं। टैक्सी यूनियन मनाली के महासचिव संदीप ने कहा कि मनाली में सबसे अधिक निजी क्षेत्र में यह वाहन हैं।

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जिनका प्रयोग पर्यटन सीजन के साथ बर्फबारी के दौरान पर्यटकों को ढोने में किया जाता है, जो गैर कानूनी है। मनाली में सैलानियों को ढोने की मकसद से निजी क्षेत्र में फॉर बाई फॉर वाहनों में एकाएक वृद्धि होने लगी है। 2014-15 के बाद रोहतांग दर्रा के लिए एनजीटी की ओर से सीमित वाहनों की संख्या को निर्धारित करने तथा अटल टनल बनने के बाद से इन वाहनों को संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बर्फबारी में सैलानियों के फंसने के बाद उन्हें रेक्स्यू करने के लिए भी प्रशासन भी इन्हीं गाड़ियों की मदद लेता है। कुल्लू-मनाली का अधिकतर हिस्सा बर्फबारी वाला है। ऐसे में लोग फोर बाई फोर वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह गाड़ियां बर्फबारी के साथ बर्फ के ऊपर आसानी से चलती हैं। इसके चारों टायर बर्फ में काम करते हैं।  

टैक्सी यूनियन में कम हो गए फोर बाई फोर वाहन 
कुल्लू। टैक्सी यूनियन में अधिकतर जिप्सियों का चलाया जाता है, लेकिन अब जिप्सियों को निर्माण नहीं होने से यूनियन में फोर बाई फोर वाहनों की संख्या में कमी आई है। जिप्सी छह से सात लाख में मिल जाती थी, लेकिन दूसरे फोर बाई फोर वाहन मंहगे हो गए हैं। 
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एफडब्ल्यूडी, आरडब्ल्यूडी और फोर बाय फोर में यह है अंतर
स्नोव्यू ऑटोमोबाइल के महाप्रबंधक रिशांत वर्मा के अनुसार इंजन की पावर से टायर घूमते हैं। अधिकतर छोटी कारें फ्रंट व्हील ड्राइव होती हैं, इनमें इंजन से पावर अगले टायर को मिलती है। गाड़ी का अधिकतर भार अगले टायर पर होता है। रियर व्हील ड्राइव में इंजन की पावर पिछले टायर को मिलती है। इनमें अगले और पिछले टायरों को हिस्सा आपस में जोड़ता है। ऐसे वाहन कीचड़ और बर्फ पर नहीं फिसलते। 

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