उच्च विद्यालय मूल कोटी की छठी कक्षा की छात्रा महक पांच घंटे तक स्कूल के क्लास रूम में बंद रही। रात नौ बजे तक कमरे में कैद रही यह बच्ची स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण डरी और सहमी हुई है। कसुम्पटी विस क्षेत्र के तहत मशोबरा के पास हुई इस घटना से बच्चों के अभिभावक भी हैरत में हैं। शिक्षा विभाग ने भी इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कमरे में बाहर से ताला लगे होने के कारण बच्ची बाहर नहीं निकल पाई।
स्कूल के आसपास कोई घर न होने से उसकी आवाज भी कोई नहीं सुन पाया। मासूम मदद के लिए किसी को बुला भी नहीं सकी। इस कारण यह कमरे में बंद ही रही। देर शाम को जब बच्ची के गायब होने का शोर मचा तो धारटी कंडा गांव और मूल कोटी के बीस से अधिक लोग बच्ची को खोजे में लगे। सभी जगह संपर्क किया लेकिन कुछ पता नहीं चला।
कमरे की लाइट जली देखी तो सूचना दी
स्थानीय निवासी रूप सिंह देर शाम को लकड़ी लेकर आ रहे थे तो उन्होंने स्कूल के कमरे की लाइट जली देखी। इसके बाद उसने घर वालों और स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी। इस पर पड़ोस के गांव में रहने वाले पीटीआई ने रात नौ बजे के करीब स्कूल पहुंच कर कमरे का ताला खोलकर बच्ची को बाहर निकाला।
बच्ची बुरी तरह से डरी और सहमी हुई थी। उसने रात नौ बजे तक खाना भी नसीब नहीं हुआ था। पिता गौरी दत्त और मूल कोटी पंचायत के उप प्रधान शेर सिंह ने बताया कि स्कूल में चतुर्थ श्रेणी के छुट्टी पर होने के कारण बच्चों ने ही स्कूल बंद होने पर कमरे बंद किए थे। इस कारण बच्ची के बारे में शिक्षकों को पता नहीं चल पाया।
बच्ची मिल गई यही बहुत: पिता
पिता गौरीदत्त ने कहा कि उन्हें अपनी बच्ची सुरक्षित मिल गई है, यही बहुत बड़ी बात है। स्कूल प्रशासन को बच्चों को लेकर इस तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। मूल कोटी के उपप्रधान शेर सिंह ने कहा कि यह स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। बंद हुई बच्ची के साथ कुछ भी हो सकता था।
स्कूल शिक्षक और प्रशासन इससे सबक लें। उपनिदेशक उच्च शिक्षा श्याम सिंह ने बताया कि वे स्वयं शुक्रवार को स्कूल का दौराकर मामले की जांच करेंगे। इसमें स्कूल प्रशासन की गलती पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।