नए सिरे से पंजीकरण अनिवार्य किया गया
हाल ही में सरकार ने संशोधित होम स्टे रूल्स 2025 राजपत्र में प्रकाशित किए हैं। इन रूल्स के तहत प्रदेश में चल रहे सभी होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) का नए सिरे से पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन विभाग को जारी निर्देशों के अनुसार किराये के भवन, फ्लैट, वन रूम या टू रूम सेट में होम स्टे का संचालन नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश में जमीन खरीदने या भवन बनाने के लिए धारा 118 के तहत अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन फ्लैट बिना मंजूरी के खरीदे जा सकते हैं। बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के लोगों ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर फ्लैट खरीद रखे हैं और इन्हें लीज पर होम स्टे संचालन के लिए दे दिया है।
होम स्टे पंजीकरण के लिए एक अलग इकाई
प्रदेश सरकार की ओर से की गई नई व्यवस्था के तहत होम स्टे पंजीकरण के लिए एक अलग इकाई (इंडिपेंडेंट हाउस) होना जरूरी है। होम स्टे के लिए आवाजाही का अलग रास्ता होना चाहिए, ताकि यहां ठहरने वाले टूरिस्ट की निजता प्रभावित न हो। होम स्टे चलाने के लिए भवन की एक पूरी मंजिल अथवा पूरा भवन समर्पित होना चाहिए। सरकार ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं कि होम स्टे का पंजीकरण भवन के मालिक के नाम पर ही होगा, लीज पर संचालन को पूरी तरह अवैध करार दिया गया है।
लीज के भवन और फ्लैट में होम स्टे संचालन को लेकर होम स्टे स्कीम 2008 में कोई साफ दिशा-निर्देश नहीं थे। हिमाचल के लोगों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया था। सरकार ने हमारी मांग पर निर्देश जारी किए हैं, हम इसका स्वागत करते हैं।- तनुजा धांटा, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश होम स्टे एसोसिएशन