15,100.69 करोड़ राज्य के अपने टैक्स और 3,638.70 करोड़ गैर करों से आएंगे
राज्य के अपने करों और गैर करों से आय देखें तो 15,100.69 करोड़ राज्य के अपने टैक्स और 3,638.70 करोड़ की आमदनी गैर करों से होगी। अपने टैक्स से आमदनी की बात करें तो राज्य वस्तु एवं सेवा कर का संग्रहण 6,552.00 करोड़ करने का लक्ष्य है, जो कुल कर आय का 43.39 प्रतिशत होगा। भू राजस्व 17.84 करोड़ और स्टांप एवं पंजीकरण से आय 625.53 करोड़ होगी।
राज्य आबकारी से 2,884 करोड़ आय होगी, जो कुल कर आय का 19.10 प्रतिशत होगा। वैट से 2,080 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य है, जो कुल कर आय का 13.77 प्रतिशत होगा। वाहनों पर टैक्स से 902.25 करोड़ आएंगे। यात्री एवं वस्तु कर से 65.82, बिजली शुल्क से 550.85 और अन्य करों से 1,422.40 करोड़ रुपये की आय होगी। अगर गैर करों से आय के लक्ष्य को देखें तो ऊर्जा से 2,017.26, वन से 87.11, खनन से 353.62 और अन्य से 1,180.71 करोड़ आमदनी होगी।
केंद्रीय हस्तांतरण से हिमाचल को मिल सकते हैं 18,141.47 करोड़
राज्य प्राप्तियों के बजट अनुमानों की पड़ताल करें तो राज्य के अपने तमाम स्रोतों से 18,739.39 करोड़ जुटेंगे। केंद्रीय हस्तांतरण से हिमाचल को 18,141.47 करोड़ मिल सकते हैं, जिसमें केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी 10,124.20 करोड़ और अन्य केंद्रीय हस्तांतरण 8,017.27 करोड़ होंगे। सीसीएस ग्रांट जिसमें कर्ज भी शामिल हाेंगे, यह 5,272.22 करोड़ रुपये होगा। इस तरह कुल राजस्व प्राप्तियां 42,152.08 करोड़ रुपये की हाेंगी। कुल राजस्व व्यय 46,666.63 करोड़ रुपये का होगा। इसमें राज्यों की अपनी योजनाओं पर खर्च 42,788.36 करोड़ रुपये होगा और केंद्र से प्रायोजित योजनाओं पर 3,878.27 करोड़ रहेगा।