हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीसीए की अंतिम वर्ष की डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम की वार्षिक परीक्षा का प्रश्न पत्र देखकर परीक्षार्थियों के हाथ पांव फूल गये। 80 अंक की परीक्षा में 64 नंबर के प्रश्न आउट आफ सिलेब्स आए थे।
जिससे छात्र प्रश्न हल ही नहीं कर पाये। संजौली कालेज में बीसीए के छात्रों ने परीक्षा के दौरान ही जब मामला उठाया तो प्राचार्य डा. जेएस नेगी ने परीक्षा हाल में जा कर शिक्षकों से इस बारे में पूछताछ की।
हालांकि छात्र पूरे समय तक हॉल में बैठे जरूर रहे, मगर वे दिये गये प्रश्नों को हल नहीं कर पाये।
ग्रेस अंक देने की मांग
परीक्षा समाप्त होने पर छात्रों ने प्राचार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें सिलेब्स से बाहर से आए प्रश्नों के कारण पेश आई परेशानी को उजागर किया, और परीक्षा को दोबारा करवाने या फिर ग्रेस अंक देने की मांग उठाई।
उधर कोटशेरा कालेज में भी इसी तरह से छात्रों ने सिलेब्स के बाहर से प्रश्न आने की शिकायत की।
हालांकि यहां लिखित में छात्रों ने मामला नहीं उठाया, मगर शिक्षक भी मान रहे थे, कि प्रश्न सिलेब्स के बाहर से आये है। उधर आरकेएमवी कालेज सेंटर में भी छात्राओं ने इस तरह की शिकायत की है।
प्राचायों ने माना छात्रों ने की है शिकायत
संजौली कालेज प्राचार्य डा. जेएस नेगी ने माना कि संबंधित विषय के शिक्षक और छात्र 50 फीसदी प्रश्न सिलेब्स के बाहर से आए बता रहे है, वहीं आरकेएमवी प्राचार्य डा. मीरा वालिया ने भी माना कि छात्रों ने मौखिक शिकायत की है।
उधर कोटशेरा कालेज प्राचार्य डा. उमा रणदेव ने भी माना कि छात्रों ने शिकायत की है। लिखित में शिकायत आने पर मामले को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा।
एसएफआई ने बताया छात्रों से खिलवाड़
एसएफआई की जिला इकाई ने सचिव चंद्रकांत वर्मा ने बार बार सिलेब्स के बाहर से आ रहे प्रश्नों पर कड़ा विरोध जताते हुये कहा कि बारह अप्रैल को हुई बीसीए अंतिम वर्ष की परीक्षा में भी 12 अंक के प्रश्न सिलेब्स के बाहर से आये थे।
अब तो प्रश्न पत्र में 64 अंक के प्रश्न बाहर से आने पर विश्वविद्यालय ने गलतियों का रिकार्ड ही बना लिया है। यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।
उन्होंने विवि प्रशासन से इस परीक्षा को दोबारा करवाने और गणित की परीक्षा में ग्रेस अंक देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर केंद्र से परीक्षार्थी छात्रों ने मामला उठाया है।