आईआईटी मंडी में चल रहे इस शोध कार्य में दवाईयों की खपत पर शोध होगा। इसमें देशभर से दवाईयों की खपत का डाटा एकत्र किया जाएगा। यह डाटा फार्मा कंपनियां से शेयर किया जाएगा। जिससे खपत के आधार पर पर ही दवाईयों का उत्पादन होगा।
इससे दवाईयों की कमी देश में नहीं खलेगी। शोध कार्य में जुटे वैज्ञानिक एक मशीन लर्निंग पोर्टल भी बनाएंगे। इस पोर्टल पर संबंधित शोध से जुड़े डाटा को साझा किया जाएगा, ताकि अन्य शोधकर्ता भी इस विषय पर जानकारी जुटा सकें।
दुर्लभ बीमारियों के डाक्टर तक पहुंच होगी आसान
वैज्ञानिक इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड बनाने के साथ ही एक ऑनलाइन टूल भी बना रहे हैं, जिससे दुर्लभ बीमारियों के इलाज करने वाले डाक्टर तक मरीजों की पहुंच आसान हो जाएगी। इस टूल को रेयर डिजिट फिजिशियन फाइंडर का नाम दिया गया है। इसमें हर एक बीमारी के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ डाक्टर की जानकारी आसानी से मिलेगी।
सरकार को प्रेषित करेंगे शोध की रिपोर्ट: प्रोफेसर
आईआईटी मंडी के प्रोफेसर वरुण दत्त ने कहा कि शोध में भारत में इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड बनाने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। शोध के बाद रिपोर्ट को सरकार को प्रेषित किया जाएगा, ताकि सरकार इस पर विचार कर भारत में इस पद्धति को लागू करने के लिए ढांचा विकसित करने की योजना तैयार कर सके।