इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान) शिमला पूर्व में अंग्रेजों के शासन काल में वायसराय और उसके बाद राष्ट्रपति निवास भी रहा है। इसलिए इस भवन को वायसरिगल लॉज और बाद में राष्ट्रपति निवास के नाम से भी जाना जाता है।
अंग्रेजों के शासनकाल में ग्रीष्मकालीन राजधानी रही शिमला की ऐतिहासिक धरोहर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का देसी और विदेशी पर्यटक शाम सात बजे तक दीदार कर सकेंगे। पर्यटकों के लिए इस भवन में घूमने और इसके इतिहास को जानने के लिए तय समयसीमा डेढ़ घंटा बढ़ा दी है। पर्यटन सीजन के चलते यह निर्णय लिया गया है। फिलहाल यह व्यवस्था 15 जून तक रहेगी। इसके बाद समीक्षा करने के बाद समयसीमा को आगे भी जारी रखे जाने पर निर्णय लिया जाएगा। संस्थान ने पहले भवन में रोजाना गाइडिड टूअर की समयसीमा साढ़े पांच बजे तक निर्धारित की थी। इसे अब सात बजे कर दिया गया है। रोजाना यहां करीब एक हजार देसी-विदेशी सैलानी यहां आते हैं।
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एडवांस स्टडीज संस्थान को सुबह साढ़े नौ बजे पर्यटकों के भ्रमण के लिए खोला जाता था। सवा 10 बजे पहला पर्यटकों का ग्रुप भवन में भेजा जाता था। अब समय बढ़ाने पर सुबह से शाम तक होने वाले पर्यटकों के गाइडिड टूअर साढ़े छह बजे भेजा जाएगा। यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। यह एक ऐसा स्थल और धरोहर है, जिसे देखने के लिए शिमला आने वाले लगभग हर पर्यटक देखना पसंद करता है। इसमें स्कूल, कॉलेजों के दल, विदेशी पर्यटकों के दलों के अलावा आम पर्यटक भी आते हैं। संस्थान के जन संपर्क अधिकारी अखिलेश पाठक ने माना कि प्रशासन ने इस ऐतिहासिक भवन में पर्यटकों के घूमने की समय अवधि को सात बजे तक कर दिया है। इसके अनुसार ही पर्यटकों के टूअर भेजे भी जाने लगे हैं।
वॉयस रॉय, राष्ट्रपति निवास भी रहा एडवांस स्टडीज
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान) शिमला पूर्व में अंग्रेजों के शासन काल में वायसराय और उसके बाद राष्ट्रपति निवास भी रहा है। इसलिए इस भवन को वायसरिगल लॉज और बाद में राष्ट्रपति निवास के नाम से भी जाना जाता है। भारत के आजाद होने के बाद कुछ वर्षों तक यह राष्ट्रपति निवास भी रहा। इसके बाद इस भवन को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान बनाया गया।