आईजीएमसी अस्पताल में रेजिडेंट डाक्टर 36 से 48 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। न तो डाक्टरों को छुट्टी मिल रही है और स्टाइपंड भी पड़ोसी राज्य की अपेक्षा काफी कम है। इस स्थिति में रेजिडेंट डाक्टर डिप्रेशन में आने लगे हैं। इन्हीं मुद्दों पर शुक्रवार को रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन ने शुक्रवार को अस्पताल परिसर में बैठक की। बैठक में इन मुद्दों पर चरचा की गई। सभी की सहमति के बाद फैसला लिया गया कि कालेज प्रिंसिपल के अलावा स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अस्पताल में करीब साढ़े तीन सौ सीनियर और जूनियर रेजिडेंट सेवाएं दे रहे हैं। इनमें दो तरह के रेजिडेंट हैं। पहले जो जरनल ड्यूटी आफिसर कोटे से पीजी कर रहे हैं। दूसरे डायरेक्ट केंडिडेट रहते हैं। जीडीओ कोटे से आने वाले रेजिडेंट डाक्टर को पहले की तरह सरकार की तरफ से मासिक सैलरी मिलती है लेकिन डायरेक्ट पीजी में चयनित रेजिडेंट को स्टाइपंड मिलता है।
अस्पताल में रेजिडेंट ही सबसे अधिक ड्यूटी करते हैं। सीनियर रेजिडेंट को एक माह की छुट्टियों का प्रावधान है लेकिन जूनियर रेजिडेंट को एक भी छुट्टी नहीं मिलती। संडे भी इनका ऑफ नहीं रहता। रेजिडेंट डाक्टर पंजाब की तर्ज पर स्टाइपंड की मांग कर रहे हैं। बैठक में आरडीए के अध्यक्ष डा. अमन सहित डा. मनीषा, डा. शशिकांत, डा. गुंजन, डा. अविनाश, डा. राकेश गुप्ता, डा. अजय कुमार और डा. सुनील शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
रेजिडेंट डाक्टरों की प्रमुख मांगे
-सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों का स्टाइपंड पंजाब की तर्ज पर हो।
-सर्दियों में कम से कम जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों को 10 दिन की छुट्टी दें।
-लक्कड़ बाजार में नया तैयार हास्टल आरडीए को अलॉट किया जाए।
मौजूदा समय में यह मिलता है स्टाइपंड
सीनियर रेजिडेंट
पहले साल में---------40 हजार----------मांग 50 हजार
दूसरे साल में---------42 हजार----------मांग 52 हजार
तीसरे साल में--------45 हजार----------मांग 55 हजार
जूनियर रेजिडेंट
पहले साल में---------25 हजार---------मांग 35 हजार
दूसरे साल में---------27 हजार---------मांग 38 हजार
तीसरे साल में--------30 हजार---------मांग 40 हजार
लगातार 48 घंटे तक देते हैं ड्यूटी
रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अमन ने कहा कि रेजिडेंट डाक्टर 36 से 48 घंटे की लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। शारीरिक और मानसिक तौर पर थक जाते हैं। आराम जरूरी है। इसलिए मांग की है कि सर्दियों में रोटेशन में कम से कम 10 दिन की छुट्टी दी जाए। पंजाब की तर्ज पर यहां भी रेजिडेंट डाक्टर को उतना ही स्टाइपंड दिया जाए। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के समक्ष यह मुद्दे रखने जा रहे हैं।